अंक : 01-15 Jan, 2018 (Year 21, Issue 01)

‘पप्पू’ भी जीता, ‘फेंकू’ भी जीता पर हार गयी जनता


गुजरात चुनाव


Print Friendly and PDF

    ‘प्रतिष्ठा की जंग’ बने गुजरात चुनाव में संघ-भाजपा, मोदी-शाह ने किसी तरह से जीत हासिल की। कांग्रेस-राहुल ने ‘मियां की जूती मियां के सिर’ वाली तर्ज पर चुनाव लड़ा। संघी-भाजपाई फासीवादी हिन्दुत्व के जवाब में ‘नरम हिन्दुत्व’ पेश किया गया। गुजरात में चुनाव हिन्दुत्व के दो माडलों की प्रयोगशाला बन गया। यह भाजपा के चुनावी तिकड़मों के जवाब में पेश किया गया ‘ए.के.एंटोनी फार्मूला’ कांगे्रस के लिये भले ही फायदेमंद रहा हो पर देश के लिये घातक है। ‘हिन्दू’ मतदाताओं के तुष्टीकरण की यह नई मिसाल है।

    गुजरात के चुनाव परिणामों की वह व्याख्या भारत के पूंजीवादी मीडिया ने नहीं की जो की जानी चाहिये थी। मतलब करीब 35 फीसदी मतदाताओं ने चुनाव में भागीदारी ही नहीं की। और ‘नोटा’ को करीब 5.5 लाख वोट मिले। भाजपा और कांग्रेस के मिले मतों को जोड़ लिया जाय तो पाया जायेगा कि इन दोनों पार्टियों को कुल मतों के करीब आधे ही मत मिले यानि आधे मतदाताओं ने इन दोनों पार्टियों पर कोई भरोसा नहीं जताया। यह तथ्य अपने आप में बहुत कुछ कह देता है।

    गुजरात चुनाव जीतने के लिये देश के प्रधानमंत्री ने हर तरह की सस्ती बयानबाजी से लेकर फिल्मी तमाशे से युक्त प्रचार किया। किराये की ‘सी-प्लेन’ से गुजरात के विकास माॅडल को पेश किया। यह ‘सी-प्लेन’ कूपमंडूक मध्यमवर्गीयों के लिये विस्मय की चीज हो पर खबर रखने वाले जानते हैं, इस प्लेन का इस्तेमाल दूसरे विश्वयुद्ध के समय से हो रहा है। भारत के लिये भी नया नहीं है। 

    तथ्यों पर नज़र डाली जाये तो वर्ष 2002 से भाजपा की सीटें गुजरात विधानसभा में लगातार गिरती चली गयी हैं। 2002 में 127, 2007 में 117, 2012 में 116, 2017 में 99 सीटें ही उसे हासिल हुयी हैं। यह बात दिखला देती है कि मोदी की ‘विकास यात्रा’ के साथ उनकी विधानसभा में हैसियत कम होती गयी है।

    ‘गुजरात माॅडल’ का मजाक ‘विकास पागल हो गया है’ के साथ शुरू हो गया था। और इस पूरे चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री की चुनाव तकरीरों में विकास गायब होता गया और धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिशें प्रमुख हो गयीं। झूठ की नयी मिसालें पेश की गयीं। गाली-गलौच से भरे चुनाव प्रचार ने दिखा दिया कि भारत के रहनुमा बने लोगों का स्तर क्या है।

    गुजरात चुनाव के नतीजों ने ‘पप्पू’ को पहलवान बना दिया तो ‘फेंकू’ को अंत में सिकन्दर बना दिया। दोनों पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा करने लगीं। एक ने ‘वास्तविक जीत’ तो दूसरे ने ‘नैतिक जीत’ हासिल की। इन दोनों की जीत के बीच मजदूर-मेहनतकश, किसान, दलित, आदिवासी हार गये। गरीबी, बेरोजगारी, कुशिक्षा से जूझते नौजवान हार गये।

    पूंजीवाद के हितपोषकों ने घोषणा की कि गुजरात की जनता ने ‘मजबूत विपक्ष’ देकर ‘सत्ता पक्ष’ पर लगाम लगायी है। संदेश दिया है कि बहुमत के, भाजपा के होश ठिकाने लगाये हैं। यह भारत की सड़ती-गलती राजनैतिक व्यवस्था पर इनके द्वारा चढ़ाया जाने वाला मुलम्मा है। मिथक गढ़ना है कि अगर पार्टी निरकुंश हो जाये तो दूसरी पार्टी को आगे बढ़ाकर जनता अपने हित साघ सकती है। आगे बढ़ा सकती है।

    सच्चाई यह है कि चुनाव में किसी भी दल से कोई भी खड़ा हो, जीतता करोड़पति ही है। चाहे भाजपा का जीते या कांगे्रस का। गुजरात चुनाव में जीते हुये उम्मीदवारों में अधिकांश करोड़पति हैं। अब भला इन करोड़पतियों के विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बनने से इनसे गरीब, बदहाल, बेरोजगार, मजदूर-मेहनतकश मतदाताओं के हितों के लिये काम करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

Labels: राष्ट्रीय


घोषणा

‘नागरिक’ में आप कैसे सहयोग कर सकते हैं?
-समाचार, लेख, फीचर, व्यंग्य, कविता आदि भेज कर क्लिक करें।

अन्य महत्वपूर्ण लिंक्स


हमें जॉइन करे अन्य कम्यूनिटि साइट्स में

घोषणा

‘नागरिक’ में आप कैसे सहयोग कर सकते हैं?
-समाचार, लेख, फीचर, व्यंग्य, कविता आदि भेज कर
-फैक्टरी में घटने वाली घटनाओं की रिपोर्ट भेज कर
-मजदूरों व अन्य नागरिकों के कार्य व जीवन परिस्थितियों पर फीचर भेजकर
-अपने अनुभवों से सम्बंधित पत्र भेज कर
-विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, बेबसाइट आदि से महत्वपूर्ण सामग्री भेज कर
-नागरिक में छपे लेखों पर प्रतिक्रिया व बेबाक आलोचना कर
-वार्षिक ग्राहक बनकर

पत्र व सभी सामग्री भेजने के लिए
सम्पादक
'नागरिक'
c/oशीला शर्मा
उदयपुरी चोपड़ा, मनोरमा विहार
पीरूमदारा, रामनगर
(उत्तराखण्ड) 244715
ई-मेल- nagriknews@gmail.com
बेबसाइट- www.enagrik.com
वितरण संबंधी जानकारी के लिए
मोबाइल न.-7500714375

सूचना
प्रिय पाठक
आप अपनी फुटकर(5 रुपये)/ वार्षिक(100 रुपये)/ आजीवन सदस्यता(2000 रुपये) सीधे निम्न खाते में जमा कर सकते हैंः
नामः कमलेश्वर ध्यानी(Kamleshwar Dhyani)
खाता संख्याः 09810100018571
बैंक ऑफ बड़ौदा, रामनगर
IFSC Code: BARBORAMNAI
MCIR Code: 244012402
बैंक के जरिये अपनी सदस्यता भेजने वाले साथी मो.न. (7500714375) पर एस एम एस या ईमेल द्वारा अपने पूरे नाम, पता, भेजी गयी राशि का विवरण व दिनांक के साथ भेज दें। संभव हो तो लिखित सूचना नागरिक कार्यालय पर भी भेज दें।
वितरक प्रभारीः कमलेश्वर ध्यानी
मो.न.- 7500714375
ईमेलः nagriknews@gmail.com
नागरिक के प्रकाशन में सहयोग करने के लिए आप से अनुदान अपेक्षित है।
सम्पादक
‘नागरिक’