साहित्य

उम्मीद -प्रियदर्शन

/ummeed-priyadarshan

मुझे इतिहास से उम्मीद थी
कि वह लोगों को कुछ जरूरी सबक देगा
मुझे वर्तमान से उम्मीद थी
कि वह पुरानी गलतियां नहीं दुहराएगा

पलायन एक्सप्रेस -ज्ञानेन्द्रपति

/palayan-express-gyanendrapati

जिसे कहा जा रहा है
स्वाधीन भारत का अमृत-काल
वह अनृत-काल है, सच पूछो तो
सुहाने झूठों का जंजाल
इसे ही देखो
बिहार-यू पी से चलायी जा रही हैं जो नई ट्रेनें

अंग्रेज मजदूर वर्ग का कवि मीड -फ्रेडरिक एंगेल्स

/angraez-majadoor-varg-ka-kavi-meed-fredrik-engels

अर्द्ध-दास का स्वामी ऐसा बर्बर आदमी होता था जो मवेशियों के मुखिया को ही खलनायक मानता था; कर्मियों को काम पर रखने वाला मालिक तो सभ्य माना जाता है और जिन ‘आदमियों’ को वह का

एक जरूरी उपन्यास ‘मातीगारी’

/ek-jaroori-upanyaas-maatigaari

वर्गीय समाज का कोई भी शासक इतना कायर, डरपोक, हताश-निराश और मूर्ख होेता है। वह समाज से इतना डरता है कि बिना सोचे-समझे सिर्फ एक ही काम कर सकता है कि वह जिससे डरता है उसे गि

नाम -मैरी फील्ड

दूध की कीमत एक सेंट बढ़ गई,
एक क्वार्ट पर एक पैसा ज्यादा,
और एक अमीर आदमी ने गर्मियों के महीनों में
अपनी सामान्य आय से पांच हजार ज्यादा कमा लिए।

हिटलर के तम्बू में -नागार्जुन

/hitlar-ke-tamboo-mein-naagaarjun

अब तक छिपे हुए थे उनके दांत और नाखून।
संस्कृति की भट्ठी में कच्चा गोश्त रहे थे भून।
छांट रहे थे अब तक बस वे बड़े-बड़े कानून।
नहीं किसी को दिखता था दूधिया वस्त्र पर खून।

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।