राष्ट्रीय

बेलसोनिका मजदूरों का संघर्ष जारी

गुड़गांव/ बेलसोनिका प्रबंधन ने दिनांक 21 अप्रैल 2023 को 11 और मजदूरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। बेलसोनिका प्रबंधन फर्जी दस्तावेजों के नाम पर अब तक 17 मजदूरों को नौकरी से बर्ख

तमिलनाडु : 12 घंटे काम का बिल पास, फिलहाल लागू होने पर रोक

    तमिलनाडु की सरकार द्वारा 21 अप्रैल को विधानसभा में तमिलनाडु (तमिलनाडु संशोधन) 2023 विधेयक पेश किया गया था। इस विधेयक के द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 में संशोधन होगा और 12 घंटे के कार्यदिवस का नि

बेलसोनिका मजदूरों का संघर्ष जारी

गुड़गांव/ अपने संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए बेलसोनिका यूनियन ने 8 अप्रैल को दिल्ली के जंतर मंतर में एक प्रेस वार्ता बुलाई। प्रेस वार्ता में शामिल हुए पत्रकारों और मजदूर संगठन की प्रतिनिध

पंतनगर विश्व विद्यालय का 13 अप्रैल 1978 गोली कांड

(13 अप्रैल 1978 का पंतनगर का गोलीकांड इस बात का गवाह है कि कैसे भारत के सार्वजनिक उपक्रमों में भी मजदूरों का निर्मम दमन-उत्पीड़न किया जाता था। कि आजाद भारत के शासक क्रूरता में ब्रिटिश हत्यारों से कह

26 मार्च - 8 घंटे की सामूहिक भूख हड़ताल

यह सामूहिक भूख हड़ताल मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड रद्द करने, ठेका प्रथा खत्म करने, खुली-छिपी छंटनी करना बंद करने, तीन बर्खास्त मजदूर साथियों को काम पर वापस लेने, तीन निलंबित यूनियन प्रतिनिधियों को तत्का

उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मियों की हड़ताल

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 16 मार्च से 72 घंटे की हड़ताल शुरू हुई। भाजपा सरकार मुकदमों, बर्खास्तगी का आतंक पैदा कर हड़ताल समाप्त करवाने में सफल रही है। हड़ताल से प

परिधान उद्योग की महिला मजदूरों में ट्रेड यूनियन कार्य : कुछ अनुभव

भारत में कपड़ा उद्योग का लंबा पुराना इतिहास है। किन्तु 1990 के दशक से ही यहां पर परिधान निर्यात क्षेत्र का महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है। भारत का वैश्विक परिधान निर्यात में पांचवां स्थान है।

कर्नाटक : देशी-विदेशी पूंजी के इशारे पर मजदूरों पर एक और हमला

केन्द्र में बैठी भाजपा सरकार मजदूरों पर नित नये हमले कर रही है वहीं राज्य सरकारें भी इसमें पीछे नहीं हैं। अभी हाल में ही कर्नाटक की भाजपा सरकार ने मजदूरों पर एक नया हमला बोला है। कर्नाटक विधान सभा

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ का संघर्ष

बदायूं/ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के कर्मचारी 8 फरवरी 2023 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय बदायूं पर अपना आंद

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।