प्रोटेरियल (हिताची) के मजदूरों का जुझारू संघर्ष के बाद समझौता संपन्न
प्रोटेरिअल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (हिताची), प्लाट नं 94-95, सेक्टर-8, आईएमटी मानेसर के ठेका मज़दूरों का 23 दिन की जुझारू हड़ताल के बाद समझौता सम्पन्न हुआ। 22 जुलाई 2023 को
प्रोटेरिअल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (हिताची), प्लाट नं 94-95, सेक्टर-8, आईएमटी मानेसर के ठेका मज़दूरों का 23 दिन की जुझारू हड़ताल के बाद समझौता सम्पन्न हुआ। 22 जुलाई 2023 को
दो साल के लम्बे संघर्ष के बाद अंततः मोहाली, चंडीगढ़ स्थित फैक्टरी फ्रीडन वर्ग में ठेका मजदूरों ने अपनी यूनियन गठित करने में सफलता हासिल कर ली। उनकी यूनियन ‘‘F n i (कान्ट्र
बीते दिनों राजस्थान सरकार ने प्लेटफार्म आधारित गिग मजदूरों के कल्याण के नाम पर एक बिल पारित किया। इसे ‘प्लेटफार्म आधारित गिग कर्मकार (पंजीकरण व वेलफेयर) बिल 2023’ नाम दिय
श्रम ब्यूरो के उद्योगों के सालाना सर्वे (SSI) के आंकड़ों के मुताबिक संगठित क्षेत्र की सभी फैक्टरियों ने ठेके पर कर्मचारी रखने शुरू कर दिए हैं। इससे देश में श्रम बल को ठेके
देहरादून/ प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखंड नैनीताल के बैनर तले भोजनमाताओं ने राजधानी देहरादून में विशाल प्रदर्शन कर भयंकर शोषण के विरुद्ध अपनी आवाज बु
अपनी न्यायपूर्ण एवं कानून सम्मत मांगों के साथ लंबे समय से संघर्ष कर रहे बेलसोनिका के मजदूर अंततः प्रबंधन की हठधर्मिता एवं श्रम विभाग व प्रशासन के अधिकारियों के मजदूर विरोधी रुख के कारण हड़ताल पर जान
गुड़गांव, आईएमटी मानेसर/ बेलसोनिका प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर बेलसोनिका यूनियन का संघर्ष लगातार जारी है। बेलसोनिका मजदूर दिनांक 4 मई 2023 से कंपनी गेट के बाहर बेलसोनिका यू
कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन के कर्मचारियों का 15 दिन लंबा धरना चला था। इस धरने में इंजीनियर से लेकर मजदूर तक सब शामिल थे। इसमें स्थायी कर्मचारी से लेकर संविदा/निविदा पर काम करने वाले क
रुद्रपुर/ विगत 15 दिसंबर 2022 को जिला प्रशासन व श्रम विभाग की मध्यस्थता में इंटरार्क कंपनी प्रबंधन एवं यूनियन के मध्य लिखित समझौता संपन्न हुआ। और इंटरार्क की सिडकुल पंतनगर एवं किच्
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।