हूतियों से अपनी भद पिटवाते साऊदी शासक
साऊदी अरब व यमन के हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई तेज होती जा रही है। जहां साऊदी अरब व यमन की कठपुतली सरकार की सेनाएं हूती विद्रोहियों के इलाके में बमबारी कर रही हैं वहां ह
साऊदी अरब व यमन के हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई तेज होती जा रही है। जहां साऊदी अरब व यमन की कठपुतली सरकार की सेनाएं हूती विद्रोहियों के इलाके में बमबारी कर रही हैं वहां ह
फ्रांस की राजधानी पेरिस के आस-पास के क्षेत्र इले-डी-फ्रांस से सितम्बर में शुरू हुए ‘लाइसी’ (15-18 वर्ष आयु के छात्र) छात्रों के प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हंै। इन
2026 का नोबेल शांति पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आई सी सी) की पूर्व न्यायधीश नवी पिल्ले को मिला है। नवी पिल्ले भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी महिला हैं। नवी पि
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव हेतु पहले चरण का मतदान 4 अक्टूबर को सम्पन्न हुआ। इस चुनाव में राष्ट्रपति पद के किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत मत न मिलने के चलते आगामी 25 अक्
पिछले दिनों घटी एक घटना कारपोरेट मीडिया में चर्चा का विषय नहीं बनी। क्या सत्ता क्या विपक्ष सभी को सांप सूंघ गया। यह घटना थी 18 सितम्बर को अमेरिकी जासूस मैथ्यू वेनडाइक सहि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 60 से अधिक देशों पर नये तटकर लगाने की घोषणा की है। इस टैरिफ उपाय के तहत जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर यह नया तटकर घोषित किया ग
कश्मीर के लोगों को लम्बे वक्त से फौजी बूटों के साये में जीना पड़ रहा है। बात चाहे भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर की हो या पाक नियंत्रित कश्मीर की, हालात दोनों जगह एक से हैं।
जिन लोगों ने ‘आई रोबोट’ या ‘एक्स मशीना’ फिल्म देखी होगी उन्हें कुछ भान होगा कि कृत्रिम बुद्धि कैसे-कैसे गुल खिला सकती है। जहां ‘आई रोबोट’ का रोबोट कोई नुकसान नहीं करता वह
नेपाल में बहुप्रतीक्षित चुनाव सम्पन्न हो गये। चुनाव में 4 वर्ष पूर्व बनी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को भारी बहुमत से जीत हासिल हुई। 165 सीटों पर हुए प्रत्यक्ष चुनाव
मजदूर के पास पूंजी नहीं होती इसीलिए पूंजीवाद में उसकी कोई हैसियत नहीं होती। इतना ही नहीं, वह जिन्दा रहने के लिए पूंजीपति पर निर्भर होता है। वह पूंजीपति के लिए काम करता है और जिन्दा रहता है। इसके लिए वह पूंजीपति से जिन संबंधों में बंधता है वे उसे पूंजीपति का गुलाम बना देती हैं। इसीलिए मजदूर को उजरती गुलाम यानी मजदूरी करने वाला गुलाम कहा जाता है। स्वाभाविक है कि समाज में गुलाम व गुलाम मालिक की राजनीतिक-सामाजिक हैसियत एक नहीं हो सकती।
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।