हिन्दू फासीवाद के बढ़़ते साये में महिला दिवस
भारतीय समाज महिला मुक्ति के मामले में आज दो परस्पर विरोधी गतियों का शिकार नजर आ रहा है। एक ओर समाज में महिला प्रश्न पर बढ़ती जागरूकता दिखाई दे रही है। महिलायें अधिकाधिक घर
भारतीय समाज महिला मुक्ति के मामले में आज दो परस्पर विरोधी गतियों का शिकार नजर आ रहा है। एक ओर समाज में महिला प्रश्न पर बढ़ती जागरूकता दिखाई दे रही है। महिलायें अधिकाधिक घर
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी कब्जे को सुनिश्चित करने के बाद अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने क्यूबा की घेराबंदी बढ़ा दी है। क्यूबा को अभी तक वेनेजुएला से सस्ता तेल सप्लाई होता र
हल्द्वानी/ दिनांक 30 नवंबर 2025 को समाज में बढ़ती महिला हिंसा के खिलाफ प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने एक सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार हल्द्वानी के सत्यन
स्त्री विरोधी सोच किस कदर हमारे समाज में पसरी हुई है इसका एक हालिया उदाहरण गुजरात से सामने आया है। स्त्री विरोधी सोच कोई गुपचुप तरीके से जाहिर नहीं की गयी बल्कि चौराहे-सड़
कर्नाटक में धर्मस्थला के आस-पास कत्ल करके सैकड़ों लाशें दफनाई गई हैं। इस बात के खुलासे ने लोगों का दिल दहला दिया है। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में धर्मस्थला नामक शिव का
काश ये बेटियां बिगड़ जाएं
इतना बिगड़ें के ये बिफर जाएं
उन पे बिफरें जो तीर-ओ-तेशा लिए
राह में बुन रहे हैं दार ओ रसन
और हर आजमाइश द- ए -दार -ओ द- रसन
आर जी कर मेडिकल कालेज कलकत्ता में रेजिडेंट डाक्टर से सामूहिक बलात्कार-हत्या के मामले को एक वर्ष भी नहीं बीता था कि कलकत्ता के एक लॉ कालेज में एक कानून की छात्रा के साथ सा
अपनी शादी के चंद रोज बाद ही अपने पति राजा रघुवंशी ही हत्या कराने की आरोपी सोनम रघुवंशी आजकल समाचार चैनलों व सोशल मीडिया की चहेती खबर बनी हुयी है। सभी समाचार प्रसारणकर्ता
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर भाजपा के कई नेताओं के अश्लील वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा के अपनी पार्टी के बारे में उछाले जाने वाले नारे ‘‘चाल, चरित
जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं।
ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा।
लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?
इस तरह पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा बना हुआ है। यह खतरा ईरान के लिए प्रत्यक्ष है और यह दूर की बात नहीं है। इस अमरीकी आक्रमणकारी युद्ध के क्षेत्रीय और वैश्विक आयाम हैं। क्षेत्रीय ताकतों के अपने-अपने आपसी अंतरविरोध हैं
गत 26 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि थी। सर्वोच्च न्यायालय के जाने-माने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने इस अवसर पर एक ट्वीट कि