विविध
आठ मार्च का दिन इंकलाब व मुक्ति के नाम
आठ मार्च का दिन मजदूर-मेहनतकश महिलाओं का ऐसा दिन है जब वे तसल्ली से इस बात पर विचार करती हैं कि सही क्या और गलत क्या है। मुक्ति क्या और गुलामी क्या है। उनका अतीत क्या व भविष्य क्या है। कौन उनका साथी है और कौन उनकी मुक्ति की राह में रोड़ा है।
पूंजीवादी नैतिकता और पाखंड
जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं।
बौखलाये राष्ट्रपति ट्रम्प के स्टेट आफ यूनियन भाषण का सार
ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा।
अमेरिकी घेरेबंदी का मुकाबला करती क्यूबाई महिलायें
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी कब्जे को सुनिश्चित करने के बाद अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने क्यूबा की घेराबंदी बढ़ा दी है। क्यूबा को अभी तक वेनेजुएला से सस्ता तेल सप्लाई होता र
शोषण व उत्पीड़न के खिलाफ सड़कों पर उतरी भोजनमाताएं
2 फरवरी को उत्तराखंड की भोजनमाताओं ने राज्यव्यापी हड़ताल की। यह हड़ताल भोजनमाताओं के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने, उनको स्थाई करने व शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ थी। भोजनमाताएं लंबे
नये लेबर कोड्स का भारी विरोध : भोजनमाताओं ने भी भरी हुंकार
मजदूर विरोधी 4 नये लेबर कोड्स के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशनों द्वारा 12 फरवरी को आहूत देशव्यापी आम हड़ताल में मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) से जुड़े घटक सं
शेखर टेक्नॉलाजी एलएलपी, शेखर इंटरनेशनल कंपनी की सामान्य तस्वीर
शेखर टेक्नॉलाजी, शेखर इंटरनेशनल कंपनी फरीदाबाद के एफआईटी सेक्टर-57, प्लाट नंबर- बी10 और बी9 में स्थित है। कंपनी वजन के आधार पर भरने वाली और स्वचालित पाउच पैकिंग मशीन, पैक
कोटद्वार में बजरंग दल की गुंडागर्दी के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन
26 जनवरी को जब सरकार गणतंत्र दिवस मना रही थी, उसी दिन उत्तराखंड के कोटद्वार इलाके में हिंदू धर्म के संस्थापक बजरंग दल के फासीवादी लंपट गुंडों ने 70 साल के बुजुर्ग बुजुर्ग
एक इंसान की चुनौती से घबराये संघी
उत्तराखण्ड को हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बनाने पर उतारू संघी आजकल घबराये हुए हैं। सत्ता पर संघी मुख्यमंत्री धामी के काबिज होने, सारी शासन सत्ता अपने हाथ में होने के बावजूद य
राष्ट्रीय
आलेख
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।