अवैध वसूली, निकाला-बैठाली, के खिलाफ सुरक्षा गार्डों का संघर्ष

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पंतनगर/ दिनांक 4 मार्च 2025 को विश्वविद्यालय पंतनगर में वर्षों से कार्यरत सैकड़ों सुरक्षा गार्डों द्वारा अवैध वसूली, निकाला-बैठाली, भेदभाव, उत्पीड़न के खिलाफ प्रशासनिक भवन पर विरोध प्रदर्शन किया गया और कुलपति, निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण को मजदूरों के सामूहिक हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर पुनः विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। ज्ञापन की प्रतियां उपश्रमायुक्त ऊधम सिंह नगर, तिलक राज बेहड, क्षेत्रीय विधायक किच्छा पंतनगर, थानाध्यक्ष पंतनगर सहित सहयोग हेतु पंतनगर के सभी मजदूर संगठनों को दी गई हैं। सभा में विधायक तिलक राज बेहड सहित अन्य मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।
    
सभा में मजदूरों ने कहा कि पिछले 15-20 वर्षों से लगातार कार्यरत मजदूरों को नियमित नहीं किया जा रहा है। श्रम कानूनों द्वारा देय बोनस, ग्रेच्युटी, अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
    
पंतनगर में करीब दो-ढाई हजार ठेका मजदूरों को वर्ष में 11 दिनों का सवैतनिक अवकाश दिया जाता है परन्तु सुरक्षा विभाग में वर्षों से लगातार कार्यरत सुरक्षा गार्डों को वर्ष में 11 दिनों का सवैतनिक अवकाश नहीं दिया जाता है। उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। आजाद भारत में सुरक्षा गार्डों के साथ सम्मानजनक व्यवहार तक नहीं किया जा रहा है। सुरक्षा अधिकारी द्वारा कर्मियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट जैसे शर्मनाक कृत्य किए जा रहे हैं। विरोध करने पर नौकरी खत्म। द्वेष भावना से ग्रस्त अधिकारियों द्वारा पिछले दो साल में एक दर्जन से अधिक सुपर वाइजर सुरक्षा गार्डों को काम से बिठा दिया गया है। लोग बेरोजगार खाली बैठे हैं। इधर सुरक्षा अधिकारी नये-नये गार्डों को भर्ती कर रहा है जबकि कुलपति द्वारा पुराने कर्मियों को न हटाने और नये गार्डों की भर्ती पर रोक लगाने के निर्देश दिए गये हैं। इसके बावजूद निकाले गये गार्डों को काम पर नहीं रखा जा रहा है। और 1 मार्च 2025 को फिर तीन सुपरवाइजर गार्डों को काम से बिठा दिया गया। यह सिलसिला जारी है। इसी को लेकर पिछले दो साल से मजदूरों में गुस्सा पनप रहा था। सो आक्रोश फूट पड़ा।
    
हर बार नयी एजेंसी आने पर पंजीकरण के नाम पर मजदूरों से 7-8 हजार रुपए की अवैध वसूली की जाती है। और हर बार वर्दी का रंग बदलकर वर्दी के नाम पर वसूली की जाती है। शिकायत करने पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अनसुनी, उपेक्षा, शोषण-उत्पीड़न ने और आग में घी का काम किया।
    
सभी गार्डों द्वारा सामूहिक रूप से हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में दो साल के दौरान निकाले गये सभी कर्मियों को काम पर रखने, बाह्य सेवादाता एजेंसी आने पर सुरक्षा गार्डों की अवैध वसूली बंद कर निःशुल्क वर्दी, निःशुल्क पंजीकरण किए जाने की मांग की गई, विश्वविद्यालय में कार्यरत अन्य ठेका मजदूरों की भांति भेदभाव समाप्त करते हुए वर्ष में 11 दिनों का सवैतनिक अवकाश दिए जाने की मांग की गई। अभद्रता, अपमान जैसे शर्मनाक कृत्यों पर रोक लगाने, साथ ही शोषण-उत्पीड़न, गाली-गलौच, अपमान करने के खिलाफ सुरक्षा अधिकारी को पद से हटाने की भी मांग की गई। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 17 मार्च 2025 से पुनः विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।             

 -पंतनगर संवाददाता

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