रिपोर्ट

छात्रों-मजदूरों ने उठाई न्याय के लिए आवाज

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दिल्ली/ 7 सितंबर को जब दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक इमारत के गिरने से मारे गए छात्रों को न्याय दिलाने और दिल्ली सरकार व द

प्रगतिशील महिला एकता केंद्र का सम्मेलन सम्पन्न

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रामनगर/ 5-6 सितंबर 2026 को प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने रामनगर, उत्तराखंड में अपना दो दिवसीय चैथा सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। सम्मेलन में उत्तराख

मासा के 10 वर्ष पूरे होने पर सेमिनार

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मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (MASA) ने नई दिल्ली के सुरजीत भवन सभागार में ‘‘मासा की 10 वर्षों की यात्रा और भारत में हाल का मजदूर आंदोलन’’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार 30 अगस्त

सत्यनिकेतन की घटना पर जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन

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राजधानी दिल्ली में 6 सितम्बर को सत्यनिकेतन पीजी की ईमारत ढहने से दिल्ली विश्वविद्यालय के 6 छात्रों एवं 1 अन्य नागरिक की मौत हो गई। अगले दिन 7 सितम्बर को साउथ कैंपस परिसर

उत्तराखंड के यूजी-पीजी डाक्टरों का कार्य बहिष्कार

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हल्द्वानी/ राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के एमबीबीएस इंटर्न और पीजी डाक्टरों का कार्य बहिष्कार 7 सितम्बर से चल रहा है। इंटर्न की मांग स्टाइपेंड 17,000 रु

सरकारी अस्पताल के खस्ताहाल: धरना-प्रदर्शन

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रामनगर/ रामनगर के सरकारी अस्पताल की खस्ता हालत पर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों द्वारा 24 अगस्त को अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन किय

ग्रामीण मजदूरों का प्रदर्शन

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रसड़ा (बलिया)/ 24 अगस्त को रसड़ा तहसील मुख्यालय पर ग्रामीण मजदूर यूनियन द्वारा ग्रामीण मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर जुलूस निकाला गया। जुलूस कई रास्तों

सूरत के संघर्षरत मजदूरों के समर्थन में प्रदर्शन

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हरिद्वार/ 20 अगस्त 2026 को चिन्मय डिग्री कालेज के निकट विभिन्न संगठनों द्वारा गुजरात के सूरत में संघर्षरत मजदूरों पर पुलिस प्रशासन व गुंड़ों द्वारा बर्बर

किसानों के धरने का सहयोग-समर्थन

/kisanon-ke-dharane-ka-sahayog-samarthan

हरिद्वार/ उत्तराखण्ड के किसान संगठनों ने अपनी विभिन्न न्यायपूर्ण मांगों के लिए बीते दिनों 3 दिवसीय जिला मुख्यालयों पर धरने का आह्वान किया। इसी कड़ी में उत

बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन

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फरीदाबाद/ 26 अगस्त को फरीदाबाद के बीके चैक में, ‘‘फरीदाबाद जन संघर्ष समिति’’ के बैनर तले बढ़ती महंगाई के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया गया। 
    

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।