राजस्थान-छत्तीसगढ़-बिहार - स्वास्थ्यकर्मी संघर्षरत
राजस्थान/ 22 जुलाई को राजस्थान में 17 सरकारी मेडिकल कालेज के 700 अध्यापक सामूहिक छुट्टी पर चले गये। इनकी मांग वेतन भुगतान से सम्बन्धित है।
राजस्थान/ 22 जुलाई को राजस्थान में 17 सरकारी मेडिकल कालेज के 700 अध्यापक सामूहिक छुट्टी पर चले गये। इनकी मांग वेतन भुगतान से सम्बन्धित है।
हरिद्वार/ सिडकुल (हरिद्वार) में लक्जर राइटिंग इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड पेन निर्माता कम्पनी है। हरिद्वार सिडकुल में इसके दो प्लांट हैं जिसमें हजारो
हल्द्वानी/ बनभूलपुरा में रेलवे द्वारा जमीन लिए जाने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास की योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। 24 जुलाई की सुनवाई में सुप्
मजदूरों को अपने पूरे जीवन भर ढेरों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मजदूर फैक्टरियों में, फैक्टरी मालिकों/ठेकेदारों के जुल्मों सितम से परेशान रहते हैं। महंगाई की मार झेलने
रुद्रपुर/ दिनांक 14 जुलाई 2024 को भगवानपुर दानपुर के पास एक बस्ती भगवान पुर मल्ला टोली कालोनी को बुलडोजर चलाकर उजाड़ दिया गया। यहां पर लगभग 46-47 परिवार र
रुद्रपुर (उत्तराखंड)/ पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दिनांक 7 जुलाई को श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधमसिंह नगर के आह्वान पर भारी बारिश के बीच स्थानीय रामलीला मैद
उत्तराखण्ड में भाजपा सरकार के मजदूर हितैषी होने के पाखण्ड की असलियत एक बार फिर उजागर हो चुकी है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने जब राज्य में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी
मजदूर नेताओं पर गुंडा एक्ट में कार्यवाही पर उतारू प्रशासन
काशीपुर/ अंततः 6 दिन के बाद काशीपुर (उधमसिंह नगर, उत्तराखंड) के कुंडेश्वरी स्थित दवाई निर्माता कम्पनी विविमेड के मजदूरों की हड़ताल 22 जून को खत्म हो गयी।
भारत के प्रमुख उद्योगों में एक ऑटो उद्योग है जो जीडीपी में 7 प्रतिशत योगदान करता है। ऑटो उद्योग अपने कम्पोनेन्ट के लिए मैन्युफैक्चरिंग से माल जुटाता है और जीडीपी के 7 प्र
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।