भीषण गर्मी से परेशान अमेजन मजदूरों ने उठायी आवाज
भयंकर गर्मी से परेशान गुड़गांव के अमेजन के मजदूरों ने आवाज उठायी है। अमेजन इण्डिया वर्कर्स एसोसिएशन ने भयंकर गर्मी में काम कर रहे अमेजन के मजदूरों को राहत देने की बात की ह
भयंकर गर्मी से परेशान गुड़गांव के अमेजन के मजदूरों ने आवाज उठायी है। अमेजन इण्डिया वर्कर्स एसोसिएशन ने भयंकर गर्मी में काम कर रहे अमेजन के मजदूरों को राहत देने की बात की ह
पंतनगर/ उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में पंतनगर सिड़कुल में स्थित डाल्फिन कम्पनी के मजदूरों का संघर्ष जारी है। यह कम्पनी मारुति के कल-पुर्जे बनाती है। इस कम्प
हरिद्वार/ दिनांक 27 मई को स्नो पैक कम्पनी नियर अम्बेडकर चौक, बाहदराबाद औद्योगिक क्षेत्र, हरिद्वार में सुबह 8.30 बजे भगवान दयाल नामक मजदूर की मशीन में इमर
जब से इजरायल द्वारा गाजा में भीषण नरसंहार शुरू हुआ है तब से भारतीय शासकों की इजरायल के प्रति पक्षधरता किसी से छिपी नहीं है। भारत के केन्द्र में काबिज संघ-भाजपा इजरायल के
हरिद्वार/ दिनांक 20 मई को संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार द्वारा चिन्मय डिग्री कालेज से लेकर श्रम विभाग तक रैली निकाली गयी और नया न्यूनतम
दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र, नरेला औद्योगिक क्षेत्र व हरियाणा के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में मई महीने में लगातार आग लगने की घटनाएं होती रहीं और कथित लोकतंत्र का पर्व
गुड़गांव/ दिनांक 19 मई 2024 को बेलसोनिका यूनियन के नेतृत्व में मजदूर लघु सचिवालय गुरुग्राम पर इकट्ठा हुए। मजदूर बेलसोनिका प्रबंधन द्वारा दिनांक 15 मई 2024
मजदूरों का वेतन जो बढ़ा है वो सिडकुल में कम्पनी मालिक नहीं दे रहे हैं। कैम्पस फुटवियर कम्पनी सिडकुल, हरिद्वार के मजदूर भी वेतनवृद्धि को लेकर व अन्य मुद्दों को लेकर दो-तीन
केन्या के 7000 स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल 13 मार्च से जारी है। इन स्वास्थ्य कर्मचारियों में डाक्टर, इंटर्न, लेब टेक्नीशियन आदि शामिल हैं। यह हड़ताल केन्या मेडिकल प्रोफ
चीन से मजदूरों के आक्रोश के फूटने की खबरें जब तब सामने आती रही हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एकछत्र शासन, प्रेस पर उसके नियंत्रण व सरकारी ट्रेड यूनियन सेण्टर के वर्चस्व
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।