सेवा सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर भोजनमाताओं का प्रदर्शन

Published
Wed, 07/01/2026 - 15:50
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भीमताल/ 30 जून 2026 को प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखण्ड के आह्वान पर आज बड़ी संख्या में भोजनमाताओं ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं और न्यायोचित मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया तथा विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान भोजनमाता यूनियन की अध्यक्षा शारदा ने कहा कि वे वर्षों से विद्यालयों में बच्चों को मां की ममता के साथ स्वच्छ एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध करा रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें सेवा सुरक्षा, सम्मान और श्रम के अनुरूप अधिकार प्राप्त नहीं हैं।
    
संगठन प्रचार मंत्री चंपा गिनवाल ने कहा कि कई विद्यालयों में भोजनमाताओं को बिना किसी ठोस कारण के कार्य से हटा दिया जाता है तथा शासनादेश में भोजनमाताओं को हटाने का प्रावधान उनके भविष्य को असुरक्षित बनाता है। इसके साथ ही भोजनमाताओं से मध्यान्ह भोजन बनाने के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, माली, चैकीदार तथा अन्य कर्मचारियों के कार्य भी कराए जाते हैं। कई विद्यालयों में एक भोजनमाता को नियमित रूप से विद्यालय के अन्य कार्यों में लगा दिया जाता है, जबकि उसकी नियुक्ति केवल भोजनमाता के रूप में हुई है। यूनियन कार्यकारणी सदस्य तुलसी ने कहा कि यदि सरकार अतिरिक्त कार्य कराती है तो उसका उचित मानदेय दिया जाए, अन्यथा भोजनमाताओं से केवल उनके पद के अनुरूप कार्य ही कराया जाए। यदि नियमित रूप से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के दायित्व निभाए जा रहे हैं तो भोजनमाताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा अथवा उसके अनुरूप वेतन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएं।
    
संगठन की ब्लाक कमेटी सदस्य विमला ने कहा कि चुनाव ड्यूटी के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भोजन तैयार कराया जाता है, लेकिन उसका भुगतान कई स्थानों पर मनमाने ढंग से किया जाता है। चुनाव ड्यूटी, समर कैंप तथा अन्य अतिरिक्त कार्यों का भुगतान सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किया जाए। साथ ही लालकुआं ब्लाॅक कमेटी अध्यक्ष बसंती ने कहा कि 2 फरवरी की वैधानिक हड़ताल के कारण काटे गए मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।
    
प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखण्ड ने जिला शिक्षा अधिकारी से सभी मांगों पर लिखित अभिमत शासन को भेजने तथा उसकी प्रति संगठन को उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि भोजनमाताओं की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में लालकुआं, हल्द्वानी व रामनगर की भोजनमातायें शामिल रहीं।

रुद्रपुर/ प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखण्ड ने 30 जून 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी रुद्रपुर को भोजनमाताओं की विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
    
भोजनमाताओं ने कहा कि भोजनमाताओं से भोजन बनाने के अतिरिक्त चपरासी, सफाई कर्मचारी, माली, चैकीदार तथा अन्य कर्मचारियों’ के कार्य भी कराए जाते हैं। कई विद्यालयों में जहां अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा तैयार भोजन आता है, वहां भोजनमाताओं से केवल भोजन वितरित कराया जाता है और उसके बाद विद्यालय के अन्य कार्य बिना अतिरिक्त भुगतान के कराए जाते हैं। संगठन ने मांग की कि भोजनमाताओं से केवल उनके पद के अनुरूप कार्य लिया जाए। यदि उनसे अतिरिक्त कार्य कराया जाता है तो उसका अलग से उचित मानदेय दिया जाए अथवा नियमित रूप से ऐसे कार्य लिए जाने पर उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए।
    
प्राथमिक विद्यालय फूलबाग केंद्र की भोजनमाता को अक्टूबर से लेकर मार्च तक काम कराया गया लेकिन उनको वेतन, बोनस, वर्दी का भुगतान नहीं किया गया। इसके विरोध में भी एक ज्ञापन अलग से जिला शिक्षा अधिकारी को दिया गया और मांग की गई कि जिला शिक्षा अधिकारी तत्काल प्रभाव से भोजनमाता का रुका हुआ मानदेय का तुरंत भुगतान करवाएं। चेतावनी दी गई कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को और तेज करेगा।         -विशेष संवाददाता
 

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