विविध

सिस्टम की लापरवाही ने ले ली छात्रा की जान

सिस्टम की लापरवाही ने स्कूल जा रही छात्रा की जान ले ली। 7 जुलाई 2023 को 10वीं में पढ़ने वाली मठ लक्ष्मीपुर की छात्रा लक्ष्मी स्कूल जाते समय पानी भरी सड़क में फिसल गई। क्यूं

ज्योति मौर्या की निजी जिन्दगी और समाज

उत्तर प्रदेश में एक चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी ने अपनी मेधावी पत्नी को प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए इलाहाबाद (प्रयागराज) की किसी अच्छी कोचिंग में तैयारी क

वैचारिक दुश्मन

एक कमजोर हैसियत का इंसान, इतना कमजोर कि दो जून की रोटी के भी लाले पड़े हैं। पर वैचारिक रूप से बिलकुल रूढ़िवादी हो और रूढ़िवाद का प्रचारक भी हो। रूढ़िवादी साहित्यों के अलावा अ

संघी लम्पटों का आतंक

संघ-भाजपा का नफरती चेहरा दिन-प्रतिदिन जनता के सामने उजागर होता जा रहा है। संघ भाजपा के ढेरों लोग संवैधानिक पदों पर विराजमान हैं। संघी मण्डली के लोग मुस्लिम समुदाय के लोगो

हाथ धोकर पीछे पड़ना

पिछले दिनों पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या के मामले में सभी पुरुष प्रधानता के पक्षधर सोशल मीडिया में कूद पड़े। ज्योति मौर्या के पीछे हाथ धोकर पड़ गए। इस तरह एक निजी पारिवारिक

संगठित क्षेत्र की सभी फैक्टरियों ने रखे ठेके पर श्रमिक

श्रम ब्यूरो के उद्योगों के सालाना सर्वे (SSI) के आंकड़ों के मुताबिक संगठित क्षेत्र की सभी फैक्टरियों ने ठेके पर कर्मचारी रखने शुरू कर दिए हैं। इससे देश में श्रम बल को ठेके

लाइन में लगने का अनुभव

हरियाणा के जिला फरीदाबाद के लघु सचिवालय में सुबह के 8 बजे हैं। लघु सचिवालय के मेन गेट से अन्दर जाने के बाद दायीं ओर जाने पर अंत में दो खिड़कियां हैं। सिर्फ खिड़कियां हैं को

लंपटों द्वारा की गई वारदात को हिंदू-मुस्लिम एंगल देने की कोशिश

फरीदाबाद/ फरीदाबाद (हरियाणा) का सेक्टर-56, फरीदाबाद के सेक्टर-55 से बड़ी सी नदी के बाद शुरू होता है। हालांकि अब यह नदी गंदे नाले में बदल चुकी है। यही नदी

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।