विविध

धार्मिक स्थलों का निर्माण और जन सुविधाओं का सवाल

जहां वर्तमान समय में धर्म और धार्मिक स्थलों का निर्माण या उसका प्रचार खत्म या स्वैच्छिक हो जाना चाहिए था वहां आज इन धार्मिक स्थलों का निर्माण और धर्म का प्रचार सरकारों के रहमोकरम से अधिक से अधिक हो

कर्मचारी भविष्य निधि का पैसा भी गौतम अडानी को दिया जा रहा है

मोदी सरकार अडाणी का भांडा फूटने के बाद भी अडाणी ग्रुप की कंपनियों को बचाने के लिए सरकारी कंपनियों में जमा जनता के पैसों को शेयर बाजार में लगा रही है। सरकार ने पहले अडाणी के साम्राज्य को बढ़ाने के लि

फ्रांस के मजदूरों का बढ़ता संघर्ष

फ्रांस

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने मजदूरों की पेंशन में कटौती के अलावा सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर 64 वर्ष कर दी है। यह उन्होंने संसद में पारित किये बगैर किया है। फ्रांसीसी सरकार के इस रवैये के विरुद्ध

डयूटी के दौरान काम करते समय एक ठेका मजदूर घायल, अस्पताल में भर्ती

पंतनगर/ 23 मार्च 2023 को पन्तनगर के शैक्षणिक डेरी फार्म के कृषि अनुभाग में कार्यरत ठेका मजदूर तुलेश्वर यादव को कृषि अनुभाग से पशुशाला पुरानी डेरी में गोबर की ट्राली भरने भेजा गया थ

सड़कें और विकास

आजकल जब किसी मोदी समर्थक से पूछा जाता है कि मोदी के विकास के वादों का क्या हुआ तो वह देश भर में बनी नयी सड़कों की ओर ईशारा करता है और कहता है कि देखो विकास तो हो रहा है। देश भर में हो रही सड़कों के न

उत्पीड़न के विरुद्ध भोजनमाताओं का विरोध-प्रदर्शन

रामनगर (नैनीताल) में 22 मार्च को प्रगतिशील भोजनमाता संगठन के बैनर तले बहुत सी भोजनमातायें उप जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष एकत्रित हुईं और स्कूलों में किये जा रहे उनके उत्पीड़न के वि

देश का दुश्मन

किसी भी देश या समुदाय के लोगों की आपसी एकता के लिए कोई न कोई दुश्मन होना जरूरी है। अगर कोई दुश्मन ही न हो तो एकता कैसे और किसलिए कायम होगी।

बुलडोजर और एनकाउंटर राजनीति के विरोध का मतलब

इलाहाबाद में 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल की खुलेआम हत्या के बाद बुलडोजर और एनकाउंटर एक बार फिर प्रचार और विरोध का विषय बना हुआ है। उमेश पाल, पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या मामले में मुख्य आरोपी बदमाश

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।