एम्स के गार्डों का संघर्ष
उत्तराखण्ड के ऋषिकेश स्थित आयुर्विज्ञान संस्थान एवं रिसर्च सेन्टर व मेडिकल कालेज (एम्स), उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित होता है। जहां मेडिकल छात्र पढ़ते हैं और उत्तराखण्ड एवं अन्य राज्यों से भी लोग
उत्तराखण्ड के ऋषिकेश स्थित आयुर्विज्ञान संस्थान एवं रिसर्च सेन्टर व मेडिकल कालेज (एम्स), उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित होता है। जहां मेडिकल छात्र पढ़ते हैं और उत्तराखण्ड एवं अन्य राज्यों से भी लोग
अडाणी-मोदी प्रकरण से संघ के हिन्दू फासीवादियों का राष्ट्रवाद एक बार फिर उफान पर आ गया। उन्होंने बिना लाग-लपेट घोषित कर दिया कि अडाणी समूह पर हमला भारत पर हमला है। वह उभरते भारत को रोकने के लिए अंतर
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक कस्बा है सहसवान। यहां के दो नजदीकी परिवारों के मामूली विवाद में पुलिस की अनैतिक भूमिका के कारण एक बड़ी और हृदय विदारक घटना घट गई। एक युवक ने कोतवाली में खुद पर पेट
हमारे देश में युवाओं की आत्महत्या का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। बढ़ती बेरोजगारी, असुरक्षित भविष्य, संबंधों में व्यक्तिवाद का बोलबाला आदि बड़े पैमाने पर युवाओं को अलगाव, अवसाद की ओर ढकेल रहे हैं। आत्महत्या
बीते दिनों उत्तराखण्ड के विभिन्न शहरों में भाजपा से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने सम्मेलन आयोजित किये। खुद को देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन कहने वाला यह साम्प्रदायिक छात्र संग
‘इंकलाब जिन्दाबाद !’ शहीद भगतसिंह और उनके साथियों का प्रिय नारा था। यह नारा उन्हें इतना प्रिय था कि उन्होंने इस नारे को न केवल ‘हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ का आधिकारिक नारा बनाया हुआ थ
बदायूं/ 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के द्वारा बदायूं में ट्रैक्टर मार्च का आयोजन किया गया। बदायूं में ए आर टी ओ आफिस के पास 11 बजे से ही ट्रैक्टर ल
गुड़गांव/ गुड़गांव-मानेसर की बेलसोनिका यूनियन को रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन, हरियाणा द्वारा यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की धमकी के साथ जारी कारण बताओ नोटिस के विरुद्ध मजदूरों का आक्
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।