विविध

भोजनमाताओं ने विकास के पाखण्ड की पोल खोली

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उत्तराखंड राज्य गठन के 25 साल पूरे होने पर 9 नवम्बर को प्रगतिशील भोजनमाता संगठन द्वारा रामनगर, हरिद्वार और लालकुंआ में सभायें कर धामी सरकार पर अमानवीय शोषण करने का आरोप ल

‘‘अंधराष्ट्रवाद और मीडिया’’ विषय पर सेमिनार का आयोजन

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लखनऊ/ नागरिक अखबार द्वारा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के करण भाई सभागार में ‘‘अंधराष्ट्रवाद और मीडिया’’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेम

सेन्चुरी मिल : मालिकाना बदला पर श्रमिकों के हालात नहीं

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लालकुंआ/ सेन्चुरी पेपर मिल भारत में एकल स्थान पर पल्प, पेपर, बोर्ड और टिश्यू का उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी विनिर्माण सुविधाओं में से एक है। इसकी कुल उत्प

अंधराष्ट्रवाद और मीडिया

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कभी ब्रिटिश विद्वान सैमुअल जानसन ने कहा था कि, ‘‘राष्ट्रवाद बदमाशों की अंतिम शरणस्थली है’’। आज की दुनिया के ज्यादातर देशों के साथ भारत के हाल देखकर यह बात सच लगती है। दुन

भारतीय मजदूरों को मौत के मुंह में भेजने की तैयारी

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भारत में बेरोजगारी की भयावहता किसी से छिपी नहीं है। इस भारी बेरोजगारी पर जहां मोदी सरकार आंखें मूंदे बैठी है वहीं विकसित देश इस बेरोजगारी का फायदा उठाने की जुगत में लगे ह

लेबर चौक बनाम डिजिटल लेबर चौक

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लेबर चौक का नाम हर कोई जानता है। यह हर शहर में मिल जाएंगे। जहां मजदूर रोजगार की तलाश में आते हैं। यहां से मजदूरों को दिहाड़ी पर काम करने के लिए ले जाया जाता है और काम खत्म

दलित उत्पीड़न का अंतहीन सिलसिला

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हमारे देश में एक दिन भी ऐसा नहीं बीतता है जब दलितों के खिलाफ कुछ हिंसा नहीं होती हो। शायद ही कोई ऐसा दिन बीतता होगा, जिस दिन, किसी दलित की हत्या न होती हो। किसी दलित महिल

‘वन्दे मातरम्’ और भाजपा का साम्प्रदायिक एजेण्डा

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केन्द्र की संघी भाजपा सरकार ने 7 नवम्बर, 2025 से अगले एक साल तक बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा रचित गीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम क

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।