विविध

मजदूरों-मेहनतकशों की बस्ती में ठगों का डेरा

जैसे बाबाओं की आवक-जावक होती रहती है। पुराने ठग अपना प्रभाव खो देते हैं तो नये ठग, नया वेश धारण कर, नयी बातों के साथ अपना धंधा चालू करते हैं। ठीक यही राजनैतिक क्षेत्र में भी घटता है। एक नेता की जगह दूसरा नेता। एक पार्टी की जगह दूसरी पार्टी। एक का जादू उतरता है तो दूसरे का जादू चढ़ता है। 

मनुस्मृति को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी

मनुस्मृति की पुजारी संघ-भाजपा सरकार शिक्षा के भगवाकरण को नयी ऊंचाईयों पर पहुंचाने जा रही है। किसी से छिपा नहीं है कि मनुस्मृति किस हद तक महिला विरोधी, दबी-कुचली जातियों क

आपका नजरिया - व्यापार की भेंट चढ़ते हुए भगतसिंह

भगतसिंह पर बहुत सारी किताबें लिखी जा चुकी हैं, बहुत सारी किताबें लिखी जा रही हैं और बहुत सारी किताबें आगे भी लिखी जाती रहेंगी, इसका कारण यह है कि उस 23 साल के नौजवान ने अ

पेपर लीक व नीट धांधली के विरोध में प्रदर्शन

बारम्बार परीक्षाओं के पेपर लीक होने व नीट की परीक्षा में धांधली पर पूरे देश में छात्रों-युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जगह-जगह अपने भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने

उत्तराखण्ड की भोजनमाताओं का वेतन

उत्तराखण्ड सरकार ने 1 अप्रैल 2024 से मजदूरों के लिए नया न्यूनतम वेतनमान लागू किया है। जिसमें कुशल, अकुशल (हेल्पर) अर्ध कुशल आदि का वेतन 12,500 रुपये से लेकर 13,551 रुपये

आग से बचाने वाले उपकरण बनाने वाली कम्पनी में आग लगी, 4 मजदूरों की मौत

देश में औद्योगिक क्षेत्रों में लग रही आग का सिलसिला रुक नहीं रहा है। इसी कड़ी में गुड़गांव में दौलताबाद इंडस्ट्रियल एरिया में फायर एंड पर्सनल सेफ्टी इंटरप्राइजेज़ में आग लग

मजदूर नेताओं पर गुंडा एक्ट लगाने के विरोध में प्रदर्शन

सिडकुल (पंतनगर-रुद्रपुर) में डालफिन मजदूरों के जारी आंदोलन के दौरान उधमसिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा डालफिन मजदूर संगठन के नेताओं- ललित कुमार, सोनू कुमार

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

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उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।