विविध

एक मजदूर आंदोलन

साथियो, दिनांक 23 जून 2024 को पद्विनी वी एन एन (PADVINI VNA) सेक्टर 35 गुरुग्राम नरसिंहपुर में अचानक मजदूरों का जुझारू आंदोलन सुबह लगभग सुबह 8ः30 बजे शुरू होता है। यह आंद

हल्द्वानी में फिर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश

हल्द्वानी/ बीते 20 जून को बनभूलपुरा थाना क्षेत्र की दो नाबालिग हिंदू लड़कियां व एक नाबालिग मुस्लिम लड़का घर से चले गये। 6 दिन बाद 25 जून को पुलिस-प्रशासन न

महावीर प्लाई में हादसा

उत्तर प्रदेश के जिला बरेली में परसा खेडा क्षेत्र है। यह फैक्टरी एरिया है। यहां लगभग 200 से 250 फैक्टरी होंगी। इसी क्षेत्र में रोड न.

नयी सरकार : अमीरों द्वारा, अमीरों की, अमीरों के लिए सरकार

देश को नयी सरकार मिल चुकी है। वैसे नयी सरकार में नया क्या है। प्रधानमंत्री वही, वही रक्षामंत्री, वही गृहमंत्री, वही वित्त मंत्री, वही विदेश मंत्री। कृषि मंत्री जरूर नये ह

विश्व राजनीति की उथल पुथल और गठबंधनों में तेजी का दौर

दुनिया भर में राजनैतिक-सामरिक उथल पुथल तेज होती जा रही है। दुनिया तेजी के साथ युद्धों को तेज करने की ओर बढ़ती जा रही है। इटली में साम्राज्यवादी देशों जिसकी अगुवाई अमरीकी स

नये अपराधिक कानून : जन पर तंत्र का नया हमला

1 जुलाई 2024 से देश में नये अपराधिक कानून लागू हो जायेंगे। बीते वर्ष अगस्त 23 में जब गृहमंत्री अमित शाह ने इनसे जुड़े तीन विधेयक संसद में पेश किये थे तो कहा था कि इन नये क

पेपर लीक और संघ-भाजपा

नीट परीक्षा पर छात्रों-युवाओं के बढ़ते आक्रोश ने इसे देशव्यापी बहस का मसला बना दिया है। लाखों छात्रों के भविष्य से हुए खिलवाड़ की आंच देश की संसद से लेकर सड़क तक हर ओर दिखाई

खुलेआम श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाता शिवम आटो कम्पनी प्रबंधन

हरिद्वार/ शिवम् आटो कम्पनी सिडकुल हरिद्वार के डेसो चौक वाले क्षेत्र में स्थित है जो हीरो व महेंद्रा के लिए पुर्जे निर्माण करती है। इसमें लगभग 800 के आस-प

लोकसभा चुनाव और मजदूर मेहनतकश अवाम

पिछले 4 जून 2024 को लोकसभा चुनाव की मतगणना समाप्त हुई नतीजतन छक्। गठबंधन को जिसमें भाजपा सहित छोटे-मोटे दल तथा क्षेत्रीय पार्टियां मिलकर 38 दल हैं वह 293 सीट प्राप्त करने

कर्जखोरी के जाल में फंसते आटो चालक

बरेली/ लगातार बढ़ती बेरोजगारी नौजवानों को निराशा व पस्तहिम्मती में ढकेल रही है। बरेली शहर में इसी तरह के बेरोजगार घर, मकान, जेवर गिरवी रखकर कर्ज लेकर आटो

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।