मजदूर संघर्ष

तमिलनाडु : विद्युत विभाग में मरने वाले मजदूरों की संख्या में वृद्धि

तमिलनाडु में राजकीय स्वामित्व वाली ऊर्जा क्षेत्र की कम्पनी टांगेडको में पिछले 9 महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2023-24) में मरने वाले मजदूरों की संख्या 40 हो गयी है। 2022-23 में य

बेलसोनिका यूनियन का 156 दिन से चल रहा धरना स्थगित, संघर्ष जारी

गुड़गांव/ हरियाणा राज्य के गुरुग्राम में लघु सचिवालय के सामने चल रहा बेलसोनिका मजदूर यूनियन के मजदूरों का प्रतिरोध धरना 156 दिन पूरे होने के बाद समाप्त कर

बेल्जियम में किसानों का ट्रैक्टर मार्च

अक्सर हम भारत में किसानों के अपने आंदोलन के लिए ट्रैक्टर मार्च की खबरें सुनते रहते हैं। पर किसानों या खेती की दुर्दशा केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। हर उस जगह जहां किसान

श्रीलंका : स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल की घोषणा

श्रीलंका में एक बार फिर स्वास्थ्य कर्मचारी अपने संयुक्त बैनर हेल्थ ट्रेड यूनियन एलायंस के बैनर तले 19 मार्च को हड़ताल करेंगे। यह हड़ताल वेतन-भत्तों को बढ़ाने के लिए होगी। इस

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ का तीसरा द्विवार्षिक सम्मेलन

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ का तीसरा द्विवार्षिक सम्मेलन 28, 29 फरवरी 2024 को गांधी प्रेक्षागृह लखनऊ में आयोजित किया गया। सम्मेलन में बिज

लुकास टी वी एस के मजदूरों का संघर्ष जारी

रुद्रपुर/ लुकास टीवीएस मजदूर संघ के 32 मजदूरों को 5 फरवरी से प्रबंधन व श्रम विभाग के अधिकारियों के उत्पीड़न के खिलाफ हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद 7 फरवरी को उप श्रमा

मिश्र : गजल अल महल्ला के 7000 मजदूर हड़ताल पर

मिश्र के गजल अल-महल्ला के 7 हजार मजदूर 22 फरवरी से हड़ताल पर चले गये। ये मजदूर बेहतर वेतन और बोनस की मांग कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की इस विशाल कम्पनी में कताई, टेक्सट

अर्जेण्टीना में विभिन्न क्षेत्रों के मजदूरों-कर्मचारियों की हड़ताल

अर्जेण्टीना में राष्ट्रपति जेवियर मेलेई की नीतियों के खिलाफ आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। जनवरी में आम हड़ताल के बाद फरवरी में विभिन्न क्षेत्रों के मजदूर-कर्मचारी 24-24 घंटे की

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का बरेली में प्रदर्शन

दिनांक 16 फ़रवरी को जहां एक ओर देश भर में किसान और मजदूर संगठन, दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के दमन के विरोध में भारत बन्द और हड़ताल कर रहे थे वहीं जनपद बरेली में बड़ी संख

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

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उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।