शोषण की चक्की में पिसते इंपीरियल आटो के मजदूर
इंपीरियल आटो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड प्लाट नंबर 21/1 कंपनी फरीदाबाद के सेक्टर 5 में स्थित है। यह कंपनी गाड़ी इंजन के लिए पार्ट्स बनाती है। फरीदाबाद के स्तर पर इंपीरियल
इंपीरियल आटो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड प्लाट नंबर 21/1 कंपनी फरीदाबाद के सेक्टर 5 में स्थित है। यह कंपनी गाड़ी इंजन के लिए पार्ट्स बनाती है। फरीदाबाद के स्तर पर इंपीरियल
उ.प्र. सरकार ने इजरायल में निर्माण मजदूरों के बतौर काम करने के लिए आवेदन आमंत्रित किये हैं। उ.प्र.
24 दिसंबर को इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर मोरावली इंडस्ट्रियल पार्क में स्थित निकिल प्रोसेसिंग प्लांट इंडोनेशिया सिंगशान स्टेनलेस स्टील प्लांट में ब्लास्ट होने से 19 म
सरकार से मांगें पूरी कराने को विद्युत संविदा कर्मचारियों ने निकाला मशाल जुलूस
हरिद्वार/ 18 दिसंबर की सुबह सिडकुल हरिद्वार, एवरेडी कम्पनी में एक गार्ड की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसे 12 घंटों से ज्यादा ड्यूटी पर रोका गया था।
रुद्रपुर/ दिनांक 23 दिसम्बर 2023 को पंतनगर थाना पुलिस द्वारा इंटरार्क मजदूर संगठन उधमसिंह नगर के महामंत्री सौरभ कुमार को कायराना तरीके से गिरफ्तार कर लिय
रामनगर (नैनीताल) में कार्बेट से लगे गांवों में बाघ और तेंदुये के आतंक और कार्बेट प्रशासन व सरकार द्वारा इंसानों के बजाय जंगली जानवरों की जान को अधिक अहमियत देने के कारण ग
गुडगांव/ 3 दिसंबर को बेलसोनिका यूनियन ने 12 अक्टूबर (53 दिनों से) से चल रहे अपने प्रतिरोध धरने पर एक एकजुटता सभा का आयोजन किया। यह एकजुटता सभा अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने की कड़ी के रू
रामनगर/ भारत सरकार की मिनी रत्न का दर्जा प्राप्त और मुनाफे में चल रही आयुर्वेदिक दवा कंपनी- आई एम पी सी एल, मोहान के निजीकरण की कोशिशों के विरोध में 8 दि
रुद्रपुर (उत्तराखंड) स्थित ब्रिटानिया कंपनी में 30 नवंबर 2023 को दोपहर 1ः00 से लगभग 1800-2000 मजदूरों ने काम बंद कर दिया और वेतन बढ़ोतरी और महीने में पूरी ड्यूटी देने समेत
अमरीकी साम्राज्यवादी वर्चस्व को बढ़ाने में पश्चिम एशिया में दृढ़ स्तम्भ इजरायल रहा है। 1979 से पहले ईरान का शासक शाह रजा पहलवी भी इस क्षेत्र में अमरीका का लठैत रहा है। 1979 में रजा पहलवी का तख्ता उलटने के बाद जो इस्लामी सत्ता आयी, वह लगातार अमरीकी साम्राज्यवाद की वर्चस्ववादी नीतियों का विरोध करती रही थी। यह सत्ता इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों को उजाड़े जाने और उनकी जमीनों पर यहूदी बस्तियां बसाने का विरोध करती रही है।
शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी शासक भी दुनिया को यह जताने में लगे हुए हैं कि उनका अमेरिका से टकराने का कोई इरादा नहीं है। वे सबके साथ साझेदारी की बात कर सकते हैं। यानी अमेरिका व चीन साथ-साथ सारी दुनिया में छा सकते हैं।
जेनरेशन जेड की युवा पीढ़ी को संघी ताकतें समझा रही हैं कि वे काॅकरोच जनता पार्टी के बहकावे में न आयें। वे मोदी के साथ खड़े रहें। वहीं काॅकरोच जनता पार्टी युवाओं के आक्रोश-दर्द को मुद्दा बना उन्हें बुराई मुक्त पूंजीवाद का ख्वाब परोस रही हैं। ऐसे में युवाओं को सही रास्ता तलाशना होगा। सही रास्ता इन दोनों रास्तों से अलग शहीदे आजम भगत सिंह का रास्ता है
हिंदू फासीवादियों के लिए बिहार एस आई आर की पहली प्रयोगशाला थी। पश्चिम बंगाल निशाने पर लंबे समय से ही था। ये तमाम प्रयास के बावजूद यहां की सत्ता से काफी दूर थे। चुनाव आयोग के जरिए एस आई आर और गृह मंत्रालय के अधीन अर्ध सैनिक बलों के दम पर इस किले को फतह करना हिंदू राष्ट्रवादियों का खास मकसद था। अंततः इस चुनाव में यहां की सत्ता को गिरफ्त में लेने में ये सफल हो चुके हैं।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद साम्राज्यवादी देशों में पूंजीपति वर्ग ने ‘कल्याणकारी राज्य’ कायम किये जिसके पीछे समाजवादी खेमे का दबाव तो था ही साथ ही उन देशों में संगठित मजदूर आंदोलन का भी भय था जो पहले विश्व युद्ध के बाद फिर उठ खड़ा हुआ था। दो विश्व युद्धों की तबाही और महामंदी की विभीषिका से उसका क्रांतिकारी तेवर भी था जिसे पूंजीपति वर्ग नजरअंदाज नहीं कर सकता था।