विविध

भ्रष्ट शासन-प्रशासन का शिकार होते किसान : एक रिपोर्ट

बदायूं जिले के नगला शर्की गांव के किसान रूम सिंह ने 22 जून 2023 को बदायूं की सदर तहसील के नायब तहसीलदार और लेखपाल के उत्पीड़न से तंग आकर सलफास की गोलियां खा लीं। उनकी बरेल

हल्द्वानी को हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बनाते हिंदू सांप्रदायिक संगठन

हल्द्वानी/ हल्द्वानी (उत्तराखंड) क्षेत्रान्तर्गत कमलुवागांजा में साम्प्रदायिक सौहार्द खराब करने और मुस्लिम अल्पसंख्यकों की दुकानों को जबरन बंद करवाने/खाल

पश्चिम एशिया में चीन और अमरीका की बढ़ती प्रतिद्वन्द्विता

पश्चिम एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव से अमरीकी साम्राज्यवादी परेशान हैं। वे अभी तक पश्चिमी एशिया को अपने प्रभाव क्षेत्र के बतौर मानते रहे हैं। पश्चिमी एशिया के अधिकांश शासक अमरीकी छत्रछाया के नीचे र

हिन्दू फासीवादी और देशी अभिजात

हिन्दू फासीवादी ‘‘लुटियन गैंग’’ की काफी बात करते हैं। इसे वे हिकारत से देखते हैं और देश की सारी समस्याओं का कारण बताते हैं। वे कहते हैं कि ‘‘लुटियन गैंग’’ के लोग यानी दिल्ली की गद्दी पर काबिज पुरान

आगामी आम चुनाव : बनते-बिगड़ते राजनैतिक समीकरण

जैसे-जैसे आम चुनाव करीब आते जा रहे हैं वैसे-वैसे भारतीय राजनीति का तापमान बढ़ता जा रहा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार ने कांग्रेस में ही नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियों में भी आशा का संचार कर दिया है।

किसानों के दृढ निश्चय के आगे झुकी खट्टर सरकार

हरियाणा में सूरजमुखी के बीज के समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद के मसले पर किसानों के जुझारू संघर्ष ने खट्टर सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। इस तरह किसान संघर्ष ने दिखा दिया कि दिल्ली में चले किसान आंद

11 वर्षीय बच्ची की हत्या-बलात्कार के विरोध में संघर्ष जारी

फरीदाबाद/ समाज में बढ़ती महिला हिंसा व यौन अपराधों की शिकार आम तौर पर मजदूर-मेहनतकश वर्ग की महिलाएं-बच्चियां होती रही हैं। इसी के हिस्से के बतौर 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन के दिन एक

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

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उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।