विविध

रामराज्य और संविधान

आखिरकार संघियों ने संविधान में भी अपने रामराज की प्रेरणा खोज ली। जनवरी माह के अंत में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मोदी ने एक रहस्य का उद्घाटन करते हुए कहा कि मूल संविधान में राम, लक्ष्मण, सीता के चित्र हैं। संविधान निर्माताओं को राम से प्रेरणा मिली है इसीलिए संविधान निर्माताओं ने राम को संविधान में उचित जगह दी है।
    

बनभूलपुरा हिंसा पर फैक्ट फाइडिंग रिपोर्ट जारी

हल्द्वानी/ 13 मई 2024 को ‘‘कौमी एकता मंच’’ ने ‘बनभूलपुरा हिंसा : असली गुनाहगार कौन?’ शीर्षक से अपनी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी की। इस दौरान पत्रकार वार्

मई दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

मई दिवस मजदूरों का त्यौहार है, जो कि पूंजीवादी शोषण-उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्षों के प्रतीक दिवस के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन दुनिया के सभी देशों, शहरों

लीप ईयर नहीं, लीक ईयर है 2024

प्रश्न पत्र का लीक होना अब एक आम बात हो गई है। हर दूसरे दिन अखबारों में यही पढ़ने को मिलता है कि फलां परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो गया है। एक विद्यार्थी जो मेहनत और लगन क

वर्तमान समाज में शिक्षा के बदलते हालात - पार्ट 1

शिक्षा को किसी भी समाज के विकास का पैमाना माना जाता रहा है। किसी भी देश की शिक्षा व्यवस्था जितनी बेहतर होगी उस समाज के लोगों का जीवन उतना ही बेहतर होगा किन्तु वर्तमान में

केन्या के स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल जारी है

केन्या के 7000 स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल 13 मार्च से जारी है। इन स्वास्थ्य कर्मचारियों में डाक्टर, इंटर्न, लेब टेक्नीशियन आदि शामिल हैं। यह हड़ताल केन्या मेडिकल प्रोफ

मणिपुर : धर्म की ऐतिहासिक प्रयोगशाला

पिछले दस महीनों से मणिपुर में भयावह हिंसा जारी है। मैतेइ और कुकी समुदाय आमने-सामने हैं। यह 3 मई, 2023 को शुरू हुई थी। फरवरी, 2024 तक 219 लोग मारे जा चुके हैं। मारे जाने व

फिलिस्तीन नया वियतनाम बनने की तरफ

अक्टूबर माह से शुरू हुए फिलिस्तीन पर इजरायल के नए नरसंहार वाले युद्ध के 6 माह बीतते-बीतते अमेरिका में ऐसी परिस्थिति पैदा हो गयी है जो कि वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका मे

मई दिवस : पूंजीवादी शोषण के विरुद्ध संघर्षों का प्रतीक दिवस

मई दिवस पूंजीवादी शोषण के विरुद्ध मजदूरों के संघर्षों का प्रतीक दिवस है और 8 घंटे के कार्यदिवस का अधिकार इससे सीधे जुड़ा हुआ है। पहली मई को पूरी दुनिया के मजदूर त्यौहार की

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

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उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।