नेपाल में भी नीतिश कुमार...
ऐसा नहीं है कि भारत में ही नीतिश कुमार, रामविलास पासवान, रामदास अठावले जैसे नेता पाये जाते हैं बल्कि सभी जगह पाये जाते हैं। हमारे पड़ोसी देश नेपाल के नीतिश कुमार तो फिलहाल
ऐसा नहीं है कि भारत में ही नीतिश कुमार, रामविलास पासवान, रामदास अठावले जैसे नेता पाये जाते हैं बल्कि सभी जगह पाये जाते हैं। हमारे पड़ोसी देश नेपाल के नीतिश कुमार तो फिलहाल
रूस में राष्ट्रपति पद के चुनाव 15 से 17 मार्च तक होने हैं। रूस में पहली बार ऑन लाइन तरीके से चुनाव हो रहे हैं और लोग इन तीन दिनों में कभी भी वोट डाल सकते हैं। इन चुनावों
8 फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव सम्पन्न हो गये। इस चुनाव में सेना, चुनाव आयोग व सरकार पर भारी धांधली के आरोप लगे। चुनाव आयोग द्वारा घोषित परिणामों में किसी भी दल को स्
7 जनवरी 2024 को बांग्लादेश में सम्पन्न हुए आम चुनाव में शेख हसीना की अवामी लीग एक बार फिर से भारी बहुमत से विजयी हुई। इस चुनाव का प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट प
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के 2024 के चुनाव के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को झटका लगा है। कॉलोराडो और मेन राज्य की सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रम्प के नाम को प्राथमिक मतपत्रों से रोक द
अर्जेण्टीना में राष्ट्रपति पद के लिए दूसरे राउण्ड के चुनाव 19 नवम्बर को सम्पन्न हो गये। चुनाव में एक ऐसे शख्स जेवियर मिलेई राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गये जिसकी बातों और क
आजकल सारी दुनिया के पैमाने पर ‘दो राज्य समाधान’ मोदी वाला जुमला बन गया है यानी एक ऐसा जुमला जो मासूम लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए दोहराया जाता है। आज इजरायल के जियनवादी श
अमेरिका में मैने प्रांत के लिविस्टन में एक बंदूकधारी ने सड़क पर उतर कर 16 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार डाला। पुलिस बंदूकधारी की तलाश में जुटी है। हमलावर अमेरिकी सेना क
इजरायल द्वारा फिलीस्तीन पर ढाई जा रही बर्बरता में मारे जाने वाले निर्दोष नागरिकों-बच्चों की तादाद हर बीते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। ऐसे में विश्व शांति के नाम पर बनायी ग
ऐसा क्या हो सकता है कि कोई एक साथ ही गुलाम और गुलाम मालिक के साथ खड़ा हो जाये। अपराधी और अपराध के शिकार का साथ साथ-साथ दे। बाघ और बकरी को एक ही घाट में पानी पिला दे।
जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं।
ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा।
लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?लेकिन इस समझौते के दूसरे पहलू की चर्चा नहीं हो रही है। वह पहलू है अमेरिका या ज्यादा बेहतर कहें तो अमरीकी साम्राज्यवादियों का व्यवहार। आखिर अमरीकी साम्राज्यवादियों को व्यापार के मामले में इस तरह के व्यवहार पर क्यों उतरना पड़ रहा है? क्यों वे केवल भारत ही नहीं, दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार के मामले में इस तरह की जोर जबर्दस्ती पर उतर रहे हैं?
इस तरह पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा बना हुआ है। यह खतरा ईरान के लिए प्रत्यक्ष है और यह दूर की बात नहीं है। इस अमरीकी आक्रमणकारी युद्ध के क्षेत्रीय और वैश्विक आयाम हैं। क्षेत्रीय ताकतों के अपने-अपने आपसी अंतरविरोध हैं
गत 26 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि थी। सर्वोच्च न्यायालय के जाने-माने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने इस अवसर पर एक ट्वीट कि