* देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने घरेलू कामगारों को न्यूनतम वेतन दिये जाने की याचिका यह कहकर ठुकरा दी कि इससे हर घर ‘कानूनी युद्धभूमि’ बन सकता है।
* इसी मामले में ट्रेड यूनियनों पर टिप्पणी करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा-
‘‘देश में कितनी औद्योगिक इकाईयां ट्रेड यूनियनों के कारण बंद हुई? हमें वास्तविकताओं को जानना चाहिए। देश के सभी पारंपरिक उद्योग, इन झण्डा यूनियनों के कारण पूरे देशभर में बंद हो गये हैं। वे काम नहीं करना चाहते। ट्रेड यूनियन नेता देश में औद्योगिक विकास को रोकने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं।’’