शहीदे आजम भगतसिंह के जन्मदिवस पर विभिन्न कार्यक्रम

Published
Thu, 10/01/2026 - 15:50
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शहीदे आजम भगतसिंह भारत के क्रांतिकारी आंदोलन की अमर शख्सियत हैं। आज जब देश में फासीवादी ताकतें सत्तासीन होकर जनता का क्रूर दमन कर रही हैं, तब भगतसिंह व उनके साथियों के विचार संघर्षरत जनता के लिए और अधिक प्रासंगिक हो गये हैं। भगतसिंह व उनके साथी एक समाजवादी भारत के लक्ष्य के साथ लड़ रहे थे। उन्होंने तब ही देख लिया था कि गोरे अंग्रेजों के साथ काले अंग्रेजों से भी जनता को लड़ना पड़ेगा। भगतसिंह के जन्मदिवस 28 सितम्बर के दिन सभी मुक्तिकामी ताकतें उन्हें याद करती हैं व उनकी दिखायी राह पर चलने का संकल्प लेती हैं। इसी कड़ी में इंकलाबी मजदूर केन्द्र, क्रालोस, पछास, प्रमएके व अन्य संगठनों ने जगह-जगह भगतसिंह की याद में सभा-जुलूस आदि कार्यवाहियां कीं। 

काशीपुर/ काशीपुर में 27 सितम्बर को भगतसिंह के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर उनकी महत्ता पर बात की गयी। भगतसिंह पर बात करते हुए बताया कि उनकी महानता इंकलाब के प्रति उनके जुनून और आत्म बलिदान में है। बिना जुनून के समाज में कोई क्रांति नहीं हो सकती। भगतसिंह द्वारा स्वयं को सर्वोच्च बलिदान के लिए प्रस्तुत करना दिखाता है कि क्रांति के लिए ऐसे ही बलिदानों की आज समाज को जरूरत है।
    
28 सितम्बर को काशीपुर के पालीटेक्निक कालेज में भगतसिंह के पर्चे का वितरण किया गया।

रामनगर/ रामनगर में 28 सितम्बर को भगतसिंह को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके क्रांतिकारी विचारों पर चलने का संकल्प लिया गया।

हल्द्वानी/ प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखण्ड ने डिग्री कालेज के निकट डी.डी. पार्क में एकत्र होकर भगत सिंह के जन्म दिवस पर भगत सिंह को पुष्प अर्पित किए व उनके विचारों पर चर्चा की। इसके साथ ही भोजनमाताओं की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विधायक सुमित हृयदेश को अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

बलिया/ ग्राम सभा बहादुरपुर कारी में क्रालोस व इमके द्वारा शहीद भगतसिंह की 119वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सुबह प्रभात फेरी निकाली गई और जगह-जगह नुक्कड़ सभा की गयी।

रुद्रपुर/ 28 सितंबर को शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा उधम सिंह नगर द्वारा सिडकुल पंतनगर के सेक्टर 9 में अपनी कार्यबहाली के लिए संघर्षरत ऐरा (एपेक्स) बिल्डिसिस के मजदूरों के धरना स्थल पर भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभा की। साथ ही मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी को उनके शहादत दिवस पर याद किया गया।
    
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज भी समाज में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, असमानता और श्रम के शोषण जैसी समस्याएं मौजूद हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए भगत सिंह के विचारों का अध्ययन करना और उनके द्वारा उठाए गए सामाजिक-आर्थिक सवालों पर गंभीर चर्चा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह जिस शोषणविहीन और समानतापूर्ण समाज की कल्पना करते थे, उसके निर्माण के लिए मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और मेहनतकश जनता की एकजुटता जरूरी है। सभा में वक्ताओं ने जिला प्रशासन से ऐरा बिल्डिसिस के मजदूरों की कार्यबहाली सुनिश्चित कराने की मांग की।
    
सभा को सीएसटीयू के मुकुल, क्रालोस के शिवदेव सिंह, इमके के दिनेश, प्रमएके की रविन्द्र कौर, एरा श्रमिक संगठन के भरत जोशी, सीआईई इंडिया श्रमिक संगठन के कमल प्रसाद, इंटरार्क मजदूर संगठन के हृदयेश कुमार, इन्फ्रा श्रमिक संगठन के राम गोपाल, बजाज आटो से संदीप आदि ने संबोधित किया। संचालन मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने किया।

कालाढूंगी/ 28 सितम्बर 2026 को क्रांतिकारी किसान मंच के आह्वान पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिवस का कार्यक्रम शहीद ऊधम सिंह पार्क कालाढूंगी में किया।
    
वक्ताओं ने कहा कि आज सत्ता में बैठे हुए लोग देश के बड़े कारपोरेट घरानों के हित में काम कर रहे हैं। आज पूरे देश में छात्र-नौजवान अपने अधिकारों के लिए संगठित होते हुए आवाज उठा रहे हैं। पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा में बढ़ते फासीवादी हमले आदि के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। 

बिन्दुखत्ता (लालकुंआ)/ भगत सिंह के जन्म दिवस पर प्रमएके के कार्यकर्ताओं द्वारा कार रोड बिंदुखत्ता में सुबह 7ः00 बजे एक सभा की गई जिसमें भगत सिंह को याद करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

फरीदाबाद/ 27 सितम्बर को इमके, पछास और औद्योगिक ठेका मजदूर यूनियन के द्वारा भगतसिंह के जन्मदिवस के एक दिन पूर्व साइकिल रैली का आयोजन किया गया। साइकिल रैली फरीदाबाद की विभिन्न मजदूर बस्तियों से निकाली गई।
    
28 सितम्बर को भगतसिंह चैक पर शहीद भगतसिंह, राजगुरू और सुखदेव की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। 

बदायूं/ दिनांक 27 सितंबर को जनहित सत्याग्रह मोर्चा द्वारा शहीद भगत सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन डा. भीमराव अंबेडकर पार्क में किया गया।
    
गोष्ठी में बोलते हुए क्रालोस के सतीश ने कहा कि भगत सिंह मानव द्वारा मानव के शोषण के खिलाफ थे। वे देश को एक समाजवादी देश बनाना चाहते थे।
    
राजेश कुमार जौहरी ने कहा आज हमारे देश में साम्प्रदायिक उन्माद चरम पर है। देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई से जनता त्रस्त है।   भगत सिंह देश में मजदूरों-किसानों के राज के पक्षधर थे। वे चाहते थे कि देश के संसाधनों पर चंद मुट्ठी भर लोगों का कब्जा न हो।
    
मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि देश का मेहनतकश समुदाय अभी भी पूंजीवाद-साम्राज्यवाद की चक्की में पिस रहा है। ऊपर से मौजूदा फासीवादी उभार ने मेहनतकशों की एकता को तोड़कर उन्हें जाति-धर्म के खांचों में बांटने का काम किया है। आज मेहनतकशों की एकता को मजबूत कर जाति-धर्म की दीवारों को तोड़ना होगा। और अपने संघर्ष को पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ लक्षित करना होगा।

बरेली/ 28 सितम्बर को शहीदे आजम भगत सिंह के जन्मदिवस पर क्रालोस और क्रांतिकारी किसान मंच द्वारा ग्राम अब्दुल्लापुर माफी बरेली में विचार गोष्ठी आयोजित की गई।

पंतनगर/ 27 सितंबर को शहीद भगतसिंह की जयंती के अवसर पर इमके, प्रमएके एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर द्वारा यूनियन कमेटी हाल पंतनगर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह को दो मिनट मौन रखकर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। और उनके लक्ष्य समाजवादी व्यवस्था को पूरा करने की क्रांतिकारी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

दिल्ली/ दिल्ली की मजदूर बस्ती शाहबाद डेरी में शहीद भगतसिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया तथा महिलाओं के साथ बढ़ती यौन हिंसा के विरोध में जुलूस निकाला व सभायें कीं। कार्यक्रम में इमके, प्रमएके, पछास व क्रालोस के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।

हरिद्वार/ हरिद्वार में भगतसिंह की जयंती की पूर्व संध्या पर सिड़कुल की मजदूर बस्ती महादेवपुरम में जुलूस निकालकर नुक्कड़ सभायें की गयीं एवं भगतसिंह के विचारों पर आधारित पर्चे का वितरण किया गया। इसके अलावा 28 सितम्बर को भगतसिंह चैक पर भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रमों में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन एवं संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा तथा उससे जुड़ी यूनियनों ने भी भागीदारी की। 

गुड़गांव/ भगतसिंह के जन्मदिन के अवसर पर 28 सितम्बर को इमके द्वारा मानेसर में सुबह प्रभात फेरी निकाली गयी। वहीं बेलसोनिका के बर्खास्त श्रमिकों द्वारा लघु सचिवालय पर 4 लेबर कोड का विरोध करते हुए न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने, मजदूर आंदोलन के दौरान लगे फर्जी मुकदमों को रद्द करने तथा बेलसोनिका में प्रबंधन द्वारा की जा रही छंटनी के विरोध में प्रदर्शन किया व ज्ञापन दिया गया। इमके व प्रमएके ने मिलकर सूरत नगर में जुलूस निकाला व सभा की।    -विशेष संवाददाता

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