विविध

एक रुपया सालाना लीज पर जमीन

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मोदी सरकार ने अपने मित्र गौतम अडाणी को एक गिफ्ट और दे दिया है। देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक गौतम अदाणी की कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड को सरकार ने थर्मल पावर प्लांट

देरी से वेतन दिए जाने पर बैठकी हड़ताल, मिली आंशिक जीत

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गुड़गांव/ शिवम आटो टेक कंपनी बिनोला गुड़गांव में स्थित है। यह कंपनी हीरो मोटो कार्प के लिए कल-पुर्जे बनाती है। इस कंपनी के कई प्लांट हैं। इस कंपनी में तीन

पश्चिम एशिया में इजरायली युद्ध का विस्तार और वैश्विक भू राजनीति

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इजरायल द्वारा कतर पर हमले की निंदा दुनिया भर में व्यापक पैमाने पर हुई। इजरायल दुनिया के पैमाने पर अलग-थलग पड़ गया। इसके साथ ही जिन देशों ने अब्राहम समझौता इजरायल के साथ किया था, वह अब कमजोर पड़ने लगा है। इजरायल के साथ साउदी अरब और अन्य अरब देशों की रिश्तों के सामान्यीकरण की प्रक्रिया बाधित हुई।

भगतसिंह के जन्म दिवस पर कार्यक्रम

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शहीद भगतसिंह हमारे देश के ऐसे महान क्रांतिकारी रहे हैं जो कि अपने जन्म (28 सितम्बर, 1907) और अपनी शहादत (23 मार्च, 1931) के इतने सालों बाद भी देश के मजदूरों, किसानों और य

एकीकृत वैश्विक पूंजीवाद में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता

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चरखे और हथकरघे ने देश के सूती कपड़ा उद्योग तथा उसके उपभोग पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाला। इसका जो भी प्रभाव पड़ा वह राजनीतिक था। इसने आजादी की लड़ाई के प्रतीक का स्थान ग्रहण कर लिया। इसने जन-जन तक यह संदेश पहुंचाया कि यदि देश के लोगों के आर्थिक हालात खराब हैं तो उसका कारण विदेशी शासन है। हर जगह खादी में नजर आने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता इस भावना को मूर्त रूप में संचारित करते थे। 

और उन्होंने कुछ नहीं खाया

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उस दिन गुड़गांव से बरेली जाने के लिए टनकपुर एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। ट्रेन का टाइम रात 10 बजे का था पर ट्रेन 30 मिनट लेट है, की उद्घोषणा बार-बार होते हुए 5 घंटे बाद

बेलसोनिका प्रबंधन के मजदूरों पर बढ़ते वैचारिक हमले

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गुड़गांव/ बेलसोनिका फैक्टरी में यूनियन व प्रबंधन के मध्य छंटनी को लेकर हुए संघर्ष को ज्यादा समय नहीं हुआ है। बेलसोनिका यूनियन ने प्रबंधन की छंटनी के खिलाफ

इजरायल द्वारा गाजा में किये जा रहे नरसंहार का विरोध

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बलिया-देवरिया/ इजरायल द्वारा गाजा में फिलिस्तीनी जनता का कत्लेआम लम्बे वक्त से जारी है। इस कत्लेआम के खिलाफ जहां दुनिया भर की जनता का आक्रोश बढ़ रहा है वह

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।