विविध
न्यूजीलैण्ड में महा हड़ताल
23 अक्टूबर को न्यूजीलैण्ड में एक महाहड़ताल का आयोजन किया गया। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के लगभग 1,10,000 लोग शामिल हुए। हड़ताली लोगों में 60 हजार शिक्षक, 30 हजार नर्सें, 5 हज
गाज़ा नरसंहार के दो साल; कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित
इजराइल द्वारा गाजा में किये गये नरसंहार के दो साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान गाजा पट्टी में आधिकारिक तौर पर ही 70 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं; हालांकि मरने वालों
क्लस्टर योजना के विरोध में भोजनमाताओं का प्रदर्शन और ज्ञापन
रामनगर/ उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मर्जर के नाम पर स्कूलों को बंद करने के विरोध में रामनगर में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन द्वारा विरोध प्रद
गुड़गांव प्रशासन ने उजाड़ी 25 झुग्गियां
गुड़गांव/ दिनांक 08 अक्टूबर 2025 को गुड़गांव प्रशासन ने सेक्टर-12, गुड़गांव के पास प्रेम नगर में लगभग 25 झुग्गियों को तोड़ दिया। यहां पर लगभग 80 के आस-पास झु
बूढ़ा, बीमार डगमग-डगमग कर चलता पूंजीवाद
पूरी दुनिया में इस वक्त राजनैतिक विक्षोभ है। मौसमी विक्षोभ की तरह इसका असर बड़े स्तर से लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग ढंग से हो रहा है। मौसमी विक्षोभ का असर तेज बारिश, बादल
गुजरात में 12 घंटे कार्य के प्रावधान का विधेयक पारित
गुजरात सरकार ने दिनांक 10 सितम्बर 2025 को गुजरात विधानसभा ने कारखाना अधिनियम 1948 में संशोधन करने वाले एक विधेयक को पारित कर दिया। संशोधन किये गए विधेयक में गुजरात सरकार
आई लव मुहम्मद : मुसलमान समाज की प्रतिक्रिया और फासीवादी दमन
हिंदू फासीवादी मोदी सरकार एवं भाजपा शासित राज्य सरकारों में हर तरह से जनवाद और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। जनता को फासीवादी आतंक के साये में जीने मजबूर किया जा रहा ह
गाजापट्टी में ट्रम्प समझौता - फिलिस्तीन को गुलाम बनाने की नयी चाल
जब समझौता लागू होने का समय आ गया और गाजापट्टी की फिलिस्तीनी आबादी जश्न मनाने के लिए जगह-जगह इकट्ठा होने लगी, तभी इजरायली हवाई हमले कई जगह हुए जिसमें कई लोग मारे गये और 70 से अधिक घायल हुए। इजरायली यहूदी नस्लवादी सत्ता समझौता लागू होते समय भी फिलिस्तीनी आबादी पर दहशत का माहौल बनाये रखने की उम्मीद में कत्लेआम कर रही है।
इंकलाबी मजदूर केन्द्र का सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न
हरिद्वार/ इंकलाबी मजदूर केन्द्र का सातवां केन्द्रीय सम्मेलन 4-5 अक्टूबर को हरिद्वार में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की शुरूआत में निवर्तमान अध्यक्ष ने झण्डारोहण
राष्ट्रीय
आलेख
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।