युद्ध
पाक-अफगान टकराव
हाल ही में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच लम्बे समय से जारी टकराव के खुले युद्ध के स्तर पर पहुंचने की घोषणा कर दी। 22 फरवरी से दोनों देशों की ओर
युद्ध के सौदागर जमकर काट रहे चांदी -अशोक स्वैन
जून 2025 में, उप्पसला कॉन्फ्लिक्ट डेटा प्रोग्राम (यूसीडीपी) ने जानकारी दी कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जबसे इसने डेटा संग्रह शुरू किया, तब से देश-आधारित संघर्षों की संख्या
हम युद्ध से बच गए, हम युद्ध विराम से नहीं बच सकते -सारा अवाद
पिछले रविवार को, मैं मध्य गाजा पट्टी के अल-जावेदा में अपने परिवार के तंबू से बाहर निकला और पास के ट्विक्स कैफे की ओर चल पड़ा, जो फ्रीलांसरों और छात्रों के लिए एक सह-कार्य
शांतिदूत भेड़िए और गाजा
मिश्र के शर्म अल शेख में गाजा में कथित युद्धविराम को लेकर सम्मेलन निपट चुका है। तकरीबन 20 से ज्यादा देशों के लंपट हुक्मरान इसमें शामिल रहे हैं। जिनके बीच संघर्ष था वही इस
पश्चिम एशिया में इजरायली युद्ध का विस्तार और वैश्विक भू राजनीति
इजरायल द्वारा कतर पर हमले की निंदा दुनिया भर में व्यापक पैमाने पर हुई। इजरायल दुनिया के पैमाने पर अलग-थलग पड़ गया। इसके साथ ही जिन देशों ने अब्राहम समझौता इजरायल के साथ किया था, वह अब कमजोर पड़ने लगा है। इजरायल के साथ साउदी अरब और अन्य अरब देशों की रिश्तों के सामान्यीकरण की प्रक्रिया बाधित हुई।
दुनिया भर में हत्यारे इजरायल का बढ़ता विरोध
इजरायली शासकों द्वारा फिलिस्तीन में किये जा रहे नरसंहार का विरोध दुनिया भर में बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सम
गाजा पर यूरोप के देशों का पाखंड और अमेरिकी निर्लज्जता
गाजा में जारी नरसंहार पर यूरोप के देशों में हो रहे प्रदर्शनों के दबाव में इन देशों की सरकारें भले ही इसराइल का विरोध करने पर मज़बूर हो रही हैं। भले ही, ये फिलिस्तीन को स्व
यूक्रेन-रूस युद्ध पर ट्रम्प का पलटना
अमेरिकी चुनाव में रूस-यूक्रेन युद्ध बेहद कम समय में रुकवाने का वादा करने वाले ट्रम्प अब अपने वायदे से पलटी मारते नजर आ रहे हैं। चुनाव के वक्त ट्रम्प ने पुतिन की तारीफ करत
रूस-यूक्रेन युद्ध व्यापक युद्ध की ओर बढ़ रहा है?
यूरोपीय साम्राज्यवादी रूस पर और ज्यादा प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर चुके हैं। वे रूस के ऊर्जा क्षेत्र में और बैंक क्षेत्र में और कड़े प्रतिबंधों को लगा रहे हैं। वे रूसी साम्राज्यवादियों को आर्थिक तौर पर पंगु बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही वे यूक्रेन को युद्ध में भारी मदद कर रहे हैं।
राष्ट्रीय
आलेख
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।