मजदूर आवाज

हैंड्स ऑफ : हमारे अधिकारों से दूर रहो

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5 अप्रैल को अमेरिका में 50 शहरों में ट्रम्प और मस्क के खिलाफ प्रदर्शन हुए। ये प्रदर्शन जहां एक तरफ ट्रम्प द्वारा दुबारा राष्ट्रपति बनने के बाद जनता पर विभिन्न तरीकों से ब

‘इंस्टा मेड्स’ यानी त्वरित शोषण

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अर्बन कम्पनी ने ‘इंस्टा मेड्स’ या ‘इंस्टा हेल्प’ नाम से नई सेवा शुरू की है। इसके तहत ग्राहक को घरेलू काम मसलन बर्तन साफ करने, खाना पकाने, झाडू लगवाने आदि कामों के लिए एक

सैमसंग मजदूरों की हड़ताल व सीटू का समझौतापरस्त नेतृत्व

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सैमसंग इंडिया के तमिलनाडु स्थित संयंत्र के संघर्षरत मजदूरों की एक महीने पुरानी हड़ताल बगैर किसी सम्मानजनक समझौते के समाप्त हो गयी है। दक्षिण कोरिया की इस बहुराष्ट्रीय कम्प

ग्रीस : रेल दुर्घटना की बरसी पर लाखों लोगों का प्रदर्शन

ग्रीस में 2023 में 28 फरवरी को टेम्पी नामक स्थान पर भीषण रेल दुर्घटना हुई थी। इस घटना के 2 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन अभी तक इस दुर्घटना में मारे गये लोगों और उनके परिवारजनो

पेरिस कम्यून को क्यों याद करें

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इस वर्ष 18 मार्च को पेरिस कम्यून को घटे 154 वर्ष हो जायेंगे। पेरिस कम्यून की ऐतिहासिक घटना से परिचित और अपरिचित दोनों तरह के लोगों का यह प्रश्न हो सकता है कि ‘हम पेरिस कम

अमेरिका में ट्रम्प और एलन मस्क के खिलाफ प्रदर्शन

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अमेरिका में राष्ट्रपति की शपथ लिए अभी 1 महीना भी नहीं बीता कि लोगों का गुस्सा उन पर फूट पड़ा है। लोग सड़कों पर ट्रम्प के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। वे ट्रम्प द्वारा ट्रांसजेंड

अवैध प्रवासी मजदूर और उदारीकरण-निजीकरण-वैश्वीकरण की पूंजीपरस्त नीतियां

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बीते 5 फरवरी 2025 को अमेरिका से 104 भारतीय मजदूरों/अवैध प्रवासियों को हाथ-पैर में जंजीरों से बांधकर अमेरिकी सैन्य विमान द्वारा भारत के अमृतसर हवाई अड्डे पर लाया गया। इन अ

बांग्लादेश में रेलवे कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल

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28 जनवरी को सुबह से ही बांग्लादेश के रेलवे के रनिंग (ट्रेनों के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले) कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। यह हड़ताल रेलवे यू

दक्षिण अफ्रीका : अवैध खनन रोकने के नाम पर 100 से ज्यादा खनिकों की मौत

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दक्षिण अफ्रीका की सोने की खान से इन दिनों खनिकों की लाशें निकल रही हैं। 10 जनवरी से शुरू हुए बचाव अभियान में अब तक दर्जनों लाशें निकाली जा चुकी हैं। यह अभियान कुछ संगठनों

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।