पदयात्रा और सामूहिक भूख हड़ताल
रुद्रपुर/ माननीय राष्ट्रीय लोक अदालत के आदेश को लागू कराने की मांग को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 26 नवंबर 2023 को इंटरार्क कंपनी सिडकुल पंतनगर व क
रुद्रपुर/ माननीय राष्ट्रीय लोक अदालत के आदेश को लागू कराने की मांग को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 26 नवंबर 2023 को इंटरार्क कंपनी सिडकुल पंतनगर व क
बांग्लादेश में रेडीमेड गारमेंट बनाने वाले मजदूरों ने बीते एक माह से अधिक लम्बे संघर्ष से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। बांग्लादेश में रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र में लगभग 44 ल
पंतनगर/ दिनांक 30 अक्टूबर 2023 को छुट्टी के दिन बिना मजदूरी के काम से मना करने पर प्रजनक बीज उत्पादन केंद्र (पंतनगर वि.वि.) के अफसर द्वारा कुछ मजदूरों को
रुद्रपुर/ इंटरार्क कम्पनी के मजदूरों का संघर्ष निरन्तर जारी है। जिला प्रशासन की मध्यस्थता में हुए समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर इंटरार्क कंपनी के
इजराइल-फिलिस्तीन के बीच जारी युद्ध के बीच यह खबर आ रही है कि भारत करीब 1 लाख मजदूर इजराइल को भेजेगा। ये मजदूर उन फिलिस्तीनी मजदूरों का स्थान लेंगे जो अब तक इजराइल में काम
पंतनगर/ लुकास टीवीएस कंपनी सिडकुल पंतनगर, उत्तराखण्ड में सेक्टर 11 प्लाट नंबर 55 में स्थित है। यहां के मजदूरों का विगत लंबे समय से कंपनी प्रबंधन से मांगप
बलिया जिले के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी के बहाव में अचानक आए बदलाव से जिले के लगभग आधा दर्जन गांवों का अस्तित्व संकट में आ गया है। गांववासियों की जीविका का मुख्य
रेनाल्ट-निसान आटो कम्पनी के स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली जापानी यूनीप्रेस कारपोरेशन के मजदूर बीते 2 माह से संघर्षरत हैं। तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित इस कंपनी ने यून
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।