बेलसोनिका मजदूरों ने शुरू किया प्रतिरोध धरना
12 अक्टूबर से बेलसोनिका यूनियन के बर्खास्त पदाधिकारी और मजदूरों ने लघु सचिवालय, गुड़गांव, हरियाणा में प्रतिरोध धरना शुरू कर दिया है।
12 अक्टूबर से बेलसोनिका यूनियन के बर्खास्त पदाधिकारी और मजदूरों ने लघु सचिवालय, गुड़गांव, हरियाणा में प्रतिरोध धरना शुरू कर दिया है।
अमेरिका में लम्बे समय से चल रही आटो मजदूरों की हड़ताल को यूनियन नेतृत्व क्रमशः समाप्त करने की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी आटो मजदूरां का ट्रेड यूनियन केन्द्र यूनाइटेड आटो वर्कर्
लालकुंआ/ वैसे तो अनिश्चितता पूंजीवादी एवं साम्राज्यवादी समाजों में लगातार बनी रहती है। निश्चितता केवल इस बात में निहित है कि संकटग्रस्तता की ओर बढ़ता समाज
मनरेगा योजना आज के समय में शासक वर्ग के लिए एक ऐसी हड्डी बन चुकी है जिसे शासक मजबूरी वश ही बनाये हुए है। पूंजीपतियों की मन की बात बहुत बढ़िया से समझने वाले मोदी और भाजपा इ
गुड़गांव/ बेलसोनिका यूनियन के पंजीकरण को रद्द करने और यूनियन के तीन पदाधिकारी जिनको मार्च महीने में निलंबित किया था, उन्हें बर्खास्त करने के खिलाफ बेलसोनि
अमेरिका में 15 सितम्बर से शुरू हुई ऑटो मजदूरों की हड़ताल जारी है। वाल्वो के स्वामित्व वाली कम्पनी मैक ट्रक के पेन्सिलवेनिया, मेरीलैंड और फ्लोरिडा के 4000 मजदूर भी 9 अक्टूब
पंतनगर/ दिनांक 9 अक्टूबर 2023 को गैरकानूनी तरीके से वेतन कटौती से नाराज विश्वविद्यालय पंतनगर में कार्यरत ठेका मजदूर सुरक्षा गार्डों ने एस.आई.एस.
हरिद्वार/ 3 अक्टूबर 2023 को संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार ने सैकड़ों मजदूरों के साथ जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर एक सभा की। सभा क
रुद्रपुर/ जिला प्रशासन की मध्यस्थता में सम्पन्न हुए समझौता दिनांक 15 दिसम्बर 2022 को लागू कराने को इंटरार्क मजदूरों का आंदोलन जारी है। विदित हो कि वर्ष 2
15 सितम्बर को अमेरिका की तीन बड़ी कंपनियों जनरल मोटर्स, फोर्ड और स्टेलेन्टिस (पूर्व में क्रिसलर) के 13,000 मजदूर अपनी यूनियन यूनाइटेड आटो वर्कर (यू ए डब्ल्यू) के नेतृत्व म
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।