विविध

श्रम न्यायालय के फैसलों के विरोध में प्रदर्शन

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गुड़गांव/ दिनांक 4 दिसम्बर 2025 को बेलसोनिका यूनियन व इंकलाबी मजदूर केन्द्र ने गुरूग्राम श्रम न्यायालय द्वारा दिये गये फैसलों के विरोध में लघु सचिवालय गुर

मासा के आह्वान पर देश भर में प्रदर्शन

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मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (MASA), जो देश भर के 14 जुझारू मजदूर संगठनों, यूनियनों और फेडरेशन का एक समन्वय मंच है, ने हाल में लागू किए गए नए मजदूर-विरोधी 4 लेबर कोड के खिल

ट्रम्प की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति : विश्वव्यापी प्रभुत्व बचाने की कोशिश

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अफ्रीकी महाद्वीप का जिक्र भयावह गरीबी और आपसी युद्धों में उलझे रहने के बतौर है। अमरीकी साम्राज्यवादी अपनी पीठ इस बात पर थपथपाते हैं कि उन्होंने अफ्रीकी महाद्वीप के देशों के बीच चलने वाले युद्धों को रुकवाया। लेकिन ये युद्ध और झड़पें अभी भी जारी हैं। अमरीकी और अन्य साम्राज्यवादी शक्तियों के बीच इस क्षेत्र की खनिज सम्पदा और साधन स्रोतों के लिए संघर्ष चल रहे हैं। ये दिनों-दिन तीव्र होते जा रहे हैं। 

बढ़ती महिला हिंसा के खिलाफ सेमिनार

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हल्द्वानी/ दिनांक 30 नवंबर 2025 को समाज में बढ़ती महिला हिंसा के खिलाफ प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने एक सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार हल्द्वानी के सत्यन

भांति-भांति के मैकालेपुत्र

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मैकालेपुत्र शब्द हिन्दू फासीवादियों का प्रिय शब्द है। वे अक्सर ही इसका इस्तेमाल करते रहते हैं, खासकर अपने विरोधी उदारवादियों के लिए। अभी हाल ही में संघी प्रधानमंत्री ने ए

न दिन में चैन, न रात को आराम

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‘वर्कफ्रोम होम’ (घर से काम) को कुछ वर्ष पहले बड़े मजे की चीज समझा जाता था। अब हालात ऐसे हो गये हैं कि लोग इससे निजात चाहते हैं। पहले सोचा था कि क्या मजे की बात है कि अपने

चीन में इलेक्ट्रानिक कंपनी में हड़ताल

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चीन में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के सत्तावादी शासन के तहत कामगारों को संगठित होने और सामूहिक शक्ति के रूप में कार्य करने का अधिकार नहीं है, और उनके संघर्षों को अक्

किन्नर

/kinnar

विवाह लगभग समाप्त हो चुका है। सुबह-सुबह खुले आसमान के नीचे ओस टपक रही है। दूल्हे के परिवारजन ठंड से बचने के लिए अलाव के इर्द-गिर्द बैठे हुए हैं। हंसी-खुशी और ससुराल की कम

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।