उत्तर भारत के पंजाब, उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, आदि कई राज्य इस समय बाढ़-भूस्खलन का सामना कर रहे हैं। इस आपदा में सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं व अभी भी लाखों लोग बाढ़ के चलते तरह-तरह की दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। लोगों के मकान-जानवर-खेती सब इस बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं।
अकेले पंजाब में 20 से अधिक जिलों के लगभग 2000 गांव बाढ़ में डूब चुके हैं। 1.7 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन पर खड़ी फसलें चौपट हो चुकी हैं। यहां पानी में जानवरों के डूबकर मर जाने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बन रहा है। कुछ यही हाल बाकी राज्यों का भी है।
इस भयानक तबाही ने सरकार के आपदा प्रबंधन के दावों की पोल खोल दी है। जहां पहाड़ी राज्यों में अवैज्ञानिक तरीके से भौगोलिक-प्राकृतिक कारकों को ध्यान में रखे बगैर किया जा रहा पूंजीवादी विकास इन आपदाओं को पैदा करने में मददगार बन रहा है वहीं पंजाब सरीखे राज्यों में बाढ़ के पूर्वानुमान का कमजोर तंत्र त्वरित बचाव-आपदा प्रबंधन का जर्जर ढांचा बाढ़ की विभीषिका को गहरा रहा है।
ऐसे वक्त में जब इस आपदा के शिकार लोगों को सबसे अधिक सरकारी राहत की जरूरत है तब प्रशासन नेताओं के हवाई दौरों, वी आई पी दौरों में व्यस्त है जो मीडिया में राहत के बड़े-बड़े वायदे कर रहे हैं। पर हम पूर्व के अनुभवों से जानते हैं कि राहत कार्य हमेशा की तरह सरकारी उपेक्षा-भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। ऐसे में जरूरतमंद जनता के हिस्से केवल वायदे ही आने हैं।
एक ऐसे वक्त में जब इन राज्यों की मेहनतकश जनता भारी दुख-तकलीफ से गुजर रही है। और सरकारी राहत के उस पर महज कुछ छींटें ही पहुंच रहे हैं। तब हर जनपक्षधर संगठन व्यक्ति का यह फर्ज बन जाता है कि इस दुःख की घड़़ी में आपदा की शिकार मेहनतकश जनता के साथ खड़े हों।
आपदा राहत मंच ‘नागरिक’ पाक्षिक व कई जनपक्षघर संगठनों का संयुक्त मंच है। आपदा राहत मंच इस आपदा के तहत प्रभावित मेहनतकश जनता पर क्षमता भर राहत पहुंचाने को प्रयासरत है। इस संदर्भ में हमारी योजना भविष्य में पंजाब के कुछ बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैम्प लगाकर स्वास्थ्य सेवायें मुहैय्या कराने की है। यह स्वास्थ्य मदद सुचारू तरीके से पीड़ित जनता तक पहुंचायी जा सके, इसके लिए आपदा राहत मंच सभी लोगों का आह्वान करता है कि वे इस हेतु आर्थिक सहयोग करें। साथ ही मेडिकल के क्षेत्र से जुड़े डॉक्टर-नर्स-कम्पाउण्डरों का भी आह्वान करता है कि इन मेडिकल कैम्पों में स्वैच्छिक सहयोग, भागीदारी, दवाओं के रूप में सहयोग करने के लिए आगे आयें।
क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
आपदा राहत मंच
आर्थिक सहयोग हेतु धनराशि इस खाता संख्या पर भेजें -
खाताधारक का नाम- नागरिक अधिकारों को समर्पित
खाता संख्या- 13121012000048
IFSC- 0131210
Branch- हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज (नैनीताल) उत्तराखण्ड
(आर्थिक सहयोग देने वाले साथी नागरिक कार्यालय मो. न 7500714375 पर भी सूचित कर दें। मेडिकल कैम्प में मदद को इच्छुक साथी भी नागरिक कार्यालय के फोन पर सूचित करें।)