बी एच ई एल प्रबंधन के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन व पुतला दहन

Published
Sun, 11/01/2026 - 07:50
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हरिद्वार/ भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड रानीपुर हरिद्वार में 28 अक्टूबर 2026 को एस.आई.पी. (बोनस) भुगतान एवं अन्य मांगों के संबंध में भेल कारपोरेट प्रबंधन की मनमानी और हठधर्मिता के खिलाफ हीप एवं सी.एफ.एफ.पी. की समस्त ट्रेड यूनियनों द्वारा सांय 4 बजे हीप मेन गेट पर विशाल प्रदर्शन एवं पुतला दहन का कार्यक्रम किया गया।
    
ज्ञात हो कि 27 अक्टूबर को भेल प्रबंधन द्वारा आनलाइन श्रब्ड की मीटिंग रखी गयी थी जिसमें भेल प्रबंधन द्वारा शुरू में 30,000 रुपए बोनस (SIP) देने की बात की गयी लेकिन केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों द्वारा मना करने के बाद भेल प्रबंधन द्वारा 35,000 रुपए बोनस (SIP) का प्रपोजल दिया गया। इसे भी संगठनों के नेताओं द्वारा खारिज करते हुए न्यूनतम बोनस (SIP) 60,000 रुपए की मांग रखी गई थी। इसको प्रबंधन द्वारा नहीं माना गया एवं बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई।
    
भेल की हरिद्वार इकाई के अलावा देश की अन्य इकाईयों (भोपाल, त्रिचनापल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु) में भी सभी ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। सभी यूनियनों का मानना है कि प्रबंधन को जब भी मजदूरों को कुछ देना होता है तो वह कुछ न कुछ बहाना बनाकर हमेशा श्रमिक वर्ग के साथ छलावा करती है जबकि मजदूर दिन-रात कड़ी मेहनत करके उत्पादन को पूरा करता है। भेल ने वर्ष 2024-25 के उपरांत 512.97 करोड़ रु. शुद्ध लाभ के मुकाबले वर्ष 2025-26 में 1577.95 करोड़ रु. का कर उपरांत शुद्ध लाभ अर्जित किया है। मतलब पिछले साल के मुकाबले तीन गुना।
    
भेल हीप मेन गेट पर जोरदार नारेबाजी करते हुए समस्त यूनियनों द्वारा भेल प्रबंधन के अडियल रुख का पुरजोर विरोध किया गया और मांग की गयी कि-

1. दिवाली से पहले रेगुलर कामगारों को 60,000 रु. एस आई पी एडहाॅक भुगतान किया जाये।

2. समस्त संविदा श्रमिकों को दिवाली से पहले 20,000 रु. एस आई पी भुगतान किया जाये। 

3. चूंकि 1 जनवरी 27 से अगला वेतन निर्धारण समझौता देय है। इसलिए वर्ष 2024 में देय लैपटाप खरीद राशि शीघ्र वितरित की जाये।

4. कोविड-19 त्रासदी के शिकार कामगारों के पीड़ित परिवारों को 25,000 रु. सहयोग राशि देने का निर्णय लिया गया था जो कुछ समय के बाद एकाएक बंद कर दिया गया। उक्त निर्णय को बहाल कर सेवानिवृत काल तक लगातार सहयोग राशि भुगतान जारी किया जाय।

5. मुख्य चिकित्सालय में महिला रोग चिकित्सा विभाग तथा आंखों के चिकित्सा विभाग चिकित्सक विहीन हो चुके हैं। उक्त दोनों विभागों तथा अन्य कम चिकित्सक वाले विभागों में शीघ्र विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल कार्मिकों की भर्ती की जाय।

6. मृतक कामगारों के आश्रितों की भर्ती 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दी गयी है जो चिंताजनक है तथा स्वीकार योग्य नहीं है। उसे पुनः पुराने स्तर 25 प्रतिशत पर बहाल किया जाए।
    
इन्हीं मांगों को लेकर यूनियनों ने 30 अक्टूबर को फाउण्ड्री गेट पर प्रदर्शन किया। 
        -हरिद्वार संवाददाता
 

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