बीजों के रखवाले -फवाज तुर्की

जला डालो हमारे खेत खलिहान
जला डालो हमारे सपने
छिड़क दो तेजाब हमारे गीतों पर
कत्ल किए गये हमारे लोगों के
लहू के ऊपर चाहे तो फैला दो
बुरादों की मोटी परत
अपने नए ईजादों से इस तरह लपेट दो 
हमारी गर्दन 
कि अंदर ही अंदर घुट जाए 
तुम्हारी कैद में बंदी देशभक्तों के
सारे उद्धोधन आजादी के
खाक कर डालो
नष्ट कर डालो
हमारी हरियाली और मिट्टी
नेस्तनाबूद कर डालो हमारे खेत और गांव
एक-एक चुन कर
जो हमारे पुरखों ने बनाए थे जतन से
अपने बम फेंको इस ढब कि 
कोई शहर कोई कस्बा बचने न पाए
जमींदोज हो जाए
एक-एक दरख्त एक-एक घर
एक-एक किताब एक-एक कानून
सभी घाटियां समतल कर डालो
फरमानों का चाहे तो ऐसा रेला झोंको, 
कि बिल्कुल न बचे हमारा अतीत 
आंधी में उड़ जाए हमारा साहित्य
हमारी कल्पनाएं और रूपक
हमारी धरती जंगलों को ऐसा उजाड़ो
कि एक पिद्दी से मकोडे को भी
कहीं छुपने की जगह न मिल पाए
इतना करो या मुमकिन हो तो
इससे भी ज्यादा वीभत्स कुछ कर डालो
मैं तुम्हारी दरिंदगी से डरने वाला नहीं
मैं पूरे एहतिहात के साथ बचा लूंगा
दरख्त का वह बीज
जो पीढ़ियों से हमारे पुरखों ने
खूब जतन से बचा रखा था
उस बीज को मैं फिर से रोप दूंगा
अपनी मातृभूमि की मिट्टी पर
        (साभार : नवजीवन)

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।