विविध

क्रांतिकारी छात्र-युवा अभियान का कन्वेंशन सफलतापूर्वक सम्पन्न

दिल्ली/ देश के विभिन्न राज्यों से 12 छात्र-युवा संगठनों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति व बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ कन्वेंशन 8 अक्टूबर 2023 को जंतर-मंत

नफरत, दंगे, नरसंहार में मीडिया की भूमिका

मीडिया को आम तौर पर आम जनता अपनी समस्या के समाधान के तौर पर देखती रही हैं। लोगों का मानना होता था कि अगर हम अपनी समस्या मीडिया के सामने लेकर जाएंगे तो मीडिया उसको उजागर क

हरिद्वार : सिडकुल मजदूरों का जुलूस

हरिद्वार/ 3 अक्टूबर 2023 को संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार ने सैकड़ों मजदूरों के साथ जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर एक सभा की। सभा क

भगत सिंह के जन्मदिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

भगत सिंह का नाम सुनकर आज भी कोई बुजुर्ग हो अथवा महिला या नौजवान; कोई भी क्यों न हो, राह चलता एक बार को ठिठक जाता है और उनके सम्मान में अपना सिर झुका लेता है। इसका कारण अप

बेलसोनिका यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द - मजदूर आक्रोशित

गुड़गांव/ 23 सितम्बर 2023 को ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार, हरियाणा ने बेलसोनिका यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। इस तरह श्रम विभाग ने हरियाणा में जुझारू संघ

महिला आरक्षण क्या महज एक झुनझुना

नये संसद भवन में आयोजित संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक आनन-फानन में पारित करवा दिया गया। इस विधेयक को संसद भवन के गलियारों में धूल फांकते हुए दशकों गुजर गये थ

देश की पतंग बहुत ऊंची उड़ रही है, कभी भी कट सकती है

हर रोज खबर अखबार जब भी खोलता हूं तो पूरे पेज पर मोदी की फोटो छपी होती है। हर रोज ही मोदी के पोस्टर मोदी की फोटो। हर रोज मोदी कोई न कोई बड़ा इवेंट कर रहे होते हैं। हर योजना

भारत की विदेश नीति : विशेष संदर्भ कनाडा

भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी अभी जी-20 के अपनी अध्यक्षता में हुए सफल आयोजन के लिए अपनी पीठ थपथपा ही रहे थे कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में बयान

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।