सेन्चुरी मिल के मजदूरों की पहलकदमी
लालकुंआ/ उत्तराखण्ड राज्य के लालकुआं में स्थित सेन्चुरी पल्प एण्ड पेपर मिल में इन दिनों मजदूरों की पहलकदमी देखने को मिल रही है, ऐसी पहलकदमी सेन्चुरी मिल
लालकुंआ/ उत्तराखण्ड राज्य के लालकुआं में स्थित सेन्चुरी पल्प एण्ड पेपर मिल में इन दिनों मजदूरों की पहलकदमी देखने को मिल रही है, ऐसी पहलकदमी सेन्चुरी मिल
गुड़गांव/ दिनांक 24 अक्टूबर 2024 को बेलसोनिका मजदूरों का सामूहिक मांग पत्र पर त्रिवार्षिक समझौता (01 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025 तक) नई यूनियन बेलसोनिका
दिल्ली/ प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र द्वारा महिला-मजदूरों पर बढ़ते शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ 10 नवंबर 2024, रविवार, को देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन आयोज
फरीदाबाद/ 30 अक्टूबर की देर रात 2ः00 बजे से 17 वर्षीय किशोरी एसी नगर झुग्गी मजदूर बस्ती फरीदाबाद से संदिग्ध हालत में घर से लापता हो गई थी। परिवारजनों द्व
आज से सौ से भी अधिक साल पहले 1917 में रूस में हुई समाजवादी क्रांति एक महान ऐतिहासिक घटना थी। इस क्रांति के परिणामस्वरूप इतिहास में पहली बार किसी देश की सत्ता वहां के मजदू
रामनगर/ दिनांक 8 नवम्बर 24 को गोविन्द देवी इंटर कालेज, बैलपोखरा कोटाबाग नैनीताल की प्रभारी प्रधानाचार्य श्रीमती इंदिरा जोशी ने 2 भोजनमाताओं को स्कूल से न
आखिरकार पुराने ‘मी लार्ड’ की विदाई हो गयी। जाते-जाते उन्होंने अपना दर्द बयां किया। उन्हें इस बात की चिंता हो रही थी कि इतिहास उन्हें किस तरह याद करेगा। अब नए मी लार्ड यान
उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के मरचूला में एक बस के खाई में गिर जाने के कारण ड्राइवर समेत 36 लोगों की मौत हो गई जबकि 27 लोग घायल हो गये। इस भीषण दुर्घटना से कितने ही परिवार
अभी उत्तराखण्ड में सरकार द्वारा वेतन पुनरीक्षण के बाद बढ़ाये वेतन को हाईकोर्ट द्वारा कम किये जाने के मसले की अदालती सुनवाई पूरी भी नहीं हुई थी कि खबर आयी कि मई माह में मध्
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।