लोकसभा चुनाव पर व्यापक भंडाफोड़ अभियान जारी
मोदी सरकार के दस साल पूरे होने और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर क्रांतिकारी जन संगठनों का जनवरी माह के मध्य से जारी व्यापक भंडाफोड़ प्रचार अभियान अपने दूसरे व अंतिम चरण में प्र
मोदी सरकार के दस साल पूरे होने और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर क्रांतिकारी जन संगठनों का जनवरी माह के मध्य से जारी व्यापक भंडाफोड़ प्रचार अभियान अपने दूसरे व अंतिम चरण में प्र
संघ-भाजपा की बीते 10 वर्षों के शासन में शिक्षा व्यवस्था को फासीवादी ताकतों ने खास तौर पर अपना निशाना बनाया है। सभी तरह की सरकारी शिक्षा को विद्या भारती के शिशु मंदिरों-वि
रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के दो वर्ष से ज्यादा का समय बीत गया है। यह युद्ध लम्बा खिंचता जा रहा है। इस युद्ध के साथ ही दुनिया में और भी युद्ध क्षेत्र बनते जा रहे हैं। इजरायली यहूदी नस्लवादी सत्ता द्वारा गाजापट्टी में फिलिस्तीनियों का नरसंहार जारी है। इस नरसंहार के विरुद्ध फिलिस्तीनियों का प्रतिरोध युद्ध भी तेज से तेजतर होता जा रहा है।
पंतनगर/ 13 अप्रैल 2024 को जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड और वर्ष 1978 में पंतनगर गोली काण्ड के मजदूर शहीदों की याद में इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर
पिछले कुछ सालों में एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों में बड़े बदलाव किये गये हैं। मौजूदा बदलाव पाठयक्रम में छोटी-छोटी कैंची चला कर किये गये हैं। गुजरात दंगों का जिक्र जो अब सिर्फ
अल सल्वाडोर लातिन अमेरिका का एक छोटा सा देश है। इसके राष्ट्रपति हैं नाइब बुकेली। इनकी खासियत यह है कि ये स्वयं को दुनिया का ‘सबसे अच्छा तानाशाह’ (कूलेस्ट डिक्टेटर) कहते ह
पिछले दिनों दिसम्बर 23 में हरियाणा सरकार द्वारा मजदूरों के लिए इजराइल में नौकरी हेतु आवेदन पत्र जारी किए गए जिसमें लगभग 10 हजार पदों के लिए भर्ती की बात की गई। हरियाणा मे
पिछले दिनों पूर्वांचल ही नहीं बल्कि प्रदेश के गैंगस्टर माफिया और पांच बार लगातार विधायक रहे मुख्तार अंसारी की उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में मौत हो गयी। उसकी मौत के बाद लग
भारत के अलग-अलग हिस्सों से आये दिन फैक्टरियों में दुर्घटनाओं की खबरें आ रही हैं। ताजा घटना में 3 अप्रैल को तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी जिले के हथनूर मंडल में चंदपुरा गां
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।