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सहजता वो मानवीय गुण है जो बरबस लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर लेता है। जिसके आगे इंसान की पढ़ाई-लिखाई, रूप-रंग, शहरी या ग्रामीण परिवेश कोई मायने नहीं रखता। औसत कद काठी, सांव

लोकतंत्र को लोकतंत्र के माध्यम से खत्म करती ‘संघी मोदी सरकार’

कहने को तो तानाशाह किसी से नहीं डरते लेकिन तानाशाहों के इतिहास पर एक नजर डालने से हम पाते हैं कि सभी तानाशाह मेहनतकशों के द्वारा लड़कर प्राप्त जनवादी अधिकार व मूल्यों का स

पेरिस कम्यून की याद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

फ्रांस की राजधानी पेरिस में 18 मार्च, 1871 के दिन कायम हुआ पेरिस कम्यून मानव इतिहास की एक कालजयी घटना थी। पेरिस, जो कि उस समय पूरी पूंजीवादी दुनिया की चकाचौंध का केंद्र थ

बेलसोनिका यूनियन का 156 दिन से चल रहा धरना स्थगित, संघर्ष जारी

गुड़गांव/ हरियाणा राज्य के गुरुग्राम में लघु सचिवालय के सामने चल रहा बेलसोनिका मजदूर यूनियन के मजदूरों का प्रतिरोध धरना 156 दिन पूरे होने के बाद समाप्त कर

बनभूलपुरा के बाशिंदों का दर्द

हल्द्वानी बनभूलपुरा की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद बाद इलाके में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सैकड़ों लोग जेल में हैं। कई घर बंद पड़े हैं। कई घरों में लोग घायल होकर खाली बै

उदारवादी, वाम-उदारवादी और फासीवाद

आज दुनिया भर में ही फासीवादी शक्तियां उभार पर हैं। कई देशों में वे इस या उस हद तक सत्ता में भागीदार भी बन रही हैं। हालांकि आज किसी भी देश में फासीवाद निजाम नहीं है पर कई

रामपुर के सिलई बड़ागांव में हुए हत्याकांड की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट

(27 फरवरी 2024 को रामपुर के सिलई बड़गांव में दलित बस्ती के निकट घूरे पर अंबेडकर पार्क के बोर्ड हटाने को पुलिस पहुंची। यहां दलित लोग अम्बेडकर पार्क बनाना चाह रहे थे जबक

‘‘विश्व गुरू’’ के मंसूबे के आगे खड़ी फौलादी दीवार

भारत अपने इतिहास के एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है। हिन्दू फासीवाद का खतरा एक ऐसी वास्तविकता बन गया है जिससे आंख चुराना संभव नहीं है। हिन्दू फासीवाद ने भारत की चुनाव प्रणाली का

महिला अपराध में भाजपा सबसे आगे

सभी पार्टियों में बलात्कारी व अत्याचारी भरे पड़े हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी इस मामले में सबसे आगे है। संघ-भाजपा का महिला विरोधी चरित्र जन्मजात है। 
    

लुकास टी वी एस के मजदूरों का संघर्ष जारी

रुद्रपुर/ लुकास टीवीएस मजदूर संघ के 32 मजदूरों को 5 फरवरी से प्रबंधन व श्रम विभाग के अधिकारियों के उत्पीड़न के खिलाफ हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद 7 फरवरी को उप श्रमा

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।