विविध
लुकास टीवीएस के मजदूर संघर्षरत
पंतनगर/ लुकास टीवीएस कंपनी सिडकुल पंतनगर, उत्तराखण्ड में सेक्टर 11 प्लाट नंबर 55 में स्थित है। यहां के मजदूरों का विगत लंबे समय से कंपनी प्रबंधन से मांगप
महान अक्टूबर क्रांति की वर्षगांठ पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन
1917 में रूस में हुई महान अक्टूबर क्रांति एक युग परिवर्तनकारी घटना थी जिसने इतिहास में पहली बार किसी देश की शोषित-उत्पीड़ित जनता-मजदूर वर्ग के हाथों में शासन सत्ता की कमान
25 नवम्बर : अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस
मध्य अमेरिका के एक छोटे से देश डोमिनिकन गणराज्य में राफेल ट्रुजिलो की तानाशाही थी। राफेल ट्रुजिलो को अमेरिकी साम्राज्यवादियों द्वारा पाला-पोषा गया था। 1930 से 1961 तक उसक
वामपंथ क्यों गाली खाता है
भारत में वामपंथ अक्सर ही गाली खाते रहता है। कई कह सकते हैं कि वे हैं ही इस लायक। ऐसा कहने वालों में सिर्फ वे ही नहीं हैं जो वामपंथ से सदा ही चिढ़ते हैं। इसमें ऐसे लोग भी ह
मिराबल बहनें - बटरफ्लाइज सिस्टर्स
राफेल लियोनिडास ट्रुजिलो, अमेरिकी मरीन प्रशिक्षित सैनिक ने मई, 1930 में डोमिनिकन गणराज्य पर कब्जा कर लिया। उन्होंने धांधली वाले राष्ट्रपति चुनाव के माध्यम से सत्ता संभाली
कालेज परिसर में छात्राओं का यौन उत्पीड़न
उत्तर प्रदेश के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) आई आई टी की दूसरे साल की छात्रा के साथ छेड़छाड़ व सामूहिक बलात्कार की शर्मनाक घटना हुई। छात्रा 1 नवंबर की रात को अपने एक द
दृष्टिबाधित बच्चियां हुई यौन हिंसा का शिकार
हल्द्वानी/ उत्तराखण्ड के हल्द्वानी शहर के निकट गोलापार की नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (छ।ठ) नवाड़खेड़ा, एक आवासीय शैक्षणिक संस्थान हैं जिसमें आंखों की रोशनी गंवा चुके दृष्टिबाधित बच
फोर्ड : यूनियन का समझौता-मजदूर आक्रोशित
अमेरिका में लम्बे समय से चल रही आटो मजदूरों की हड़ताल को यूनियन नेतृत्व क्रमशः समाप्त करने की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी आटो मजदूरां का ट्रेड यूनियन केन्द्र यूनाइटेड आटो वर्कर्
इजरायली शासकों-पश्चिमी साम्राज्यवादियों का पुतला दहन
हरिद्वार/ 22 अक्टूबर 2023 को भेल मजदूर ट्रेड यूनियन बीएचईएल के कार्यालय पर फिलिस्तीनी उत्पीड़ित जनता के मुक्ति संघर्ष और इजरायली शासकों की खुली तानाशाही
राष्ट्रीय
आलेख
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।