आई एम पी सी एल, मोहान के निजीकरण के विरोध में संघर्ष
रामनगर/ भारत सरकार की मिनी रत्न का दर्जा प्राप्त और मुनाफे में चल रही आयुर्वेदिक दवा कंपनी- आई एम पी सी एल, मोहान के निजीकरण की कोशिशों के विरोध में 8 दि
रामनगर/ भारत सरकार की मिनी रत्न का दर्जा प्राप्त और मुनाफे में चल रही आयुर्वेदिक दवा कंपनी- आई एम पी सी एल, मोहान के निजीकरण की कोशिशों के विरोध में 8 दि
1927 में काकोरी काण्ड से जुड़े चार युवा राष्ट्रीय क्रांतिकारियों को धूर्त व क्रूर ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने बेरहमी से फांसी की सजा दे दी थी। 25-27 साल के इन युवाओं ने ‘स
रुद्रपुर (उत्तराखंड) स्थित ब्रिटानिया कंपनी में 30 नवंबर 2023 को दोपहर 1ः00 से लगभग 1800-2000 मजदूरों ने काम बंद कर दिया और वेतन बढ़ोतरी और महीने में पूरी ड्यूटी देने समेत
पश्चिमी साम्राज्यवादी, खासकर अमरीकी साम्राज्यवादी यह कहते नहीं थकते कि पश्चिम एशिया में इजरायल अकेला जनतंत्र है। अभी हालिया संघर्ष में अमरीकी राष्ट्रपति ने इजरायल के प्रत
योग गुरू बाबा रामदेव एक रियल स्टेट दिग्गज भी हैं। जी हां, ‘‘रिपोर्टर्स कलेक्टिव’’ ने विस्तृत शोध कर तथ्यों के साथ इसे प्रमाणित किया है कि अरावली पर्वत रेंज में फरीदाबाद क
सत्ताधारी द्वारा पेगासस मेलवेयर के भूत को वापस लाते हुए एप्पल के हाल के एलर्ट से विपक्ष के नेताओं और पत्रकारों पर राज्य प्रायोजित निगरानी हमले के उदाहरण सामने आये हैं। 31
पंतनगर/ दिनांक 22 नवंबर 2023 को ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर के पदाधिकारियों द्वारा 730 ठेका मजदूरों के हस्ताक्षर युक्त पत्र पंतनगर के गांधी हाल में मु
हल्द्वानी/ कुमाऊं टेंट हाउस कालाढूंगी रोड हल्द्वानी के गोदाम में 12 नवंबर को दीपावली की रात में आग लगने से गोदाम में सोये तीन मजदूरों की जलकर मौके पर ही
प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र द्वारा देश में बढ़ती महिला हिंसा के खिलाफ राजधानी दिल्ली में 26 नवंबर को आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में उत्तराखंड, यूपी, हरियाण
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।