अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे लोग

Published
Fri, 10/16/2026 - 07:50
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अंकिता भण्डारी को न्याय दिलाने और उसकी हत्या के जिम्मेदार संदिग्ध वीआईपी दुष्यंत कुमार को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के विरोध में 15 अक्टूबर को उत्तराखण्ड के कई शहरों में लोग सड़़कों पर उतरे।
    
अंकिता भण्डारी की निर्मम हत्या 4 वर्ष उस समय कर दी गयी थी जब उसने रिसोर्ट एक वीआईपी को ‘स्पेशल सर्विस’ देने से मना कर दिया था। आज उसी संदिग्ध वीआईपी दुष्यंत कुमार को राज्यपाल बना दिया गया है। राज्यपाल के पद पर रहते अब दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ न कोई जांच हो सकती है और न ही उस पर मुकदमे की कार्यवाही शुरू हो सकती है। ऐसे में सीबीआई जांच बेमानी हो जाती है। 
    
यह खबर सुनते ही अंकिता के माता-पिता  इंडिया गेट पर 14 अक्टूबर को ही बैठ गये। दिल्ली पुलिस ने उन्हें 15 अक्टूबर की सुबह 4 बजे हिरासत में ले लिया। इस घटना ने उत्तराखण्ड के लोगों में रोष भर दिया।   

रामनगर- रामनगर के लखनपुर चुंगी पर एकत्रित होकर सभा कर मोदी सरकार का पुतला दहन किया गया। 
    
सभा में वक्ताओं ने कहा कि दुष्यंत कुमार को मोदी सरकार ने सिक्किम का राज्यपाल बनाकर अंकिता भंडारी के माता-पिता के जख्मों पर नमक छिड़का है। वक्ताओं ने दुष्यंत कुमार गौतम को तत्काल सिक्किम के राज्यपाल पद से हटाये जाने की मांग की। 
    
विरोध-प्रदर्शन में प्रमएके, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, इमके, देवभूमि व्यापार मंडल, पछास के कार्यकर्ता शामिल रहे।

हरिद्वार- हरिद्वार में सेक्टर 4 के चैराहे पर एकत्रित होकर सभा कर मोदी, धामी व दुष्यंत कुमार का पुतला दहन किया। पुतला दहन की कार्रवाई को पुलिस ने रोकने कोशिश की लेकिन संगठन के कार्यकर्ता अंततः पुतला दहन करने में सफल रहे।
    
कार्यक्रम में प्रमएके, इमके, जन अधिकार संगठन, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, फूड्स यूनियन, देव भूमि श्रमिक संगठन के कार्यकर्ता शामिल रहे।

लालकुआं- लालकुआं में शहीद स्मारक पर एकत्रित होकर सभा कर संदिग्ध अपराधी दुष्यंत कुमार गौतम और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया।
    
कार्यक्रम में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र,  एपुवा व इंडिया गठबंधन आदि संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे।     -विशेष संवाददाता
 

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