राजनीति

नेपाल में युवाओं का विद्रोह

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नेपाल के युवा इतिहास रच चुके हैं। दो दिन के उनके संघर्ष ने सरकार को भागने पर मजबूर कर दिया। तीनों प्रमुख पार्टियों के नेता, संसद, राष्ट्रपति भवन, अदालत कोई भी युवाओं के ग

नस्लीय इजरायल को एज्योर नहीं

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माइक्रोसाफ्ट ने चार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिन्होंने कंपनी के इजरायल के साथ संबंधों को लेकर कंपनी परिसर में विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था, जिनमें से दो ऐ

अलास्का शिखर बैठक के बाद क्या?

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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच अलास्का में बैठक हुई। बैठक के पहले अमरीकी राष्ट्रपति पत्रकारों से बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति को चेतावनी और धमकी

इजरायल द्वारा गाजापट्टी में जारी क्रूर नरसंहार

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इजरायली यहूदी नस्लवादी बेंजामिन नेतन्याहू की हुकूमत ने नये सिरे से गाजा शहर और समूची गाजापट्टी में अपने व्यापक विनाश और नरसंहार को और ज्यादा तेज कर दिया है। इजरायली शासक

फ्रांस में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता

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फ्रांस में 2022 में मैक्रों के दूसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से शुरू हुई राजनीतिक अस्थिरता समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। फ्रांस में पिछले सवा साल के भीतर दो

केन्या में गहराता संकट, बढ़ता दमन और प्रतिरोध

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विलियम रूटो केन्या के राष्ट्रपति हैं। उनके राष्ट्रपतित्व काल में केन्या की मजदूर-मेहनतकश आबादी की हालत खराब होती गयी है। वहां बेरोजगारी 67 प्रतिशत के आस-पास है। रूटो 2023

ब्रिक्स सम्मेलन और ट्रम्प

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बीते दिनों 6-7 जुलाई को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स का 17वां वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न हुआ। रूसी-चीनी साम्राज्यवादियों के नेतृत्व में बने इस संगठन के सम्मेलन मे

2003 बनाम 2025 का यूरोप

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ईरान पर अमरीकी हमले के बाद यूरोप के प्रमुख देशों की प्रतिक्रिया ने यूरोपीय साम्राज्यवादियों की वर्तमान स्थिति को बहुत मुखर ढंग से उजागर कर दिया। इसने दिखाया कि वे अमरीकी

सबसे धनी और सबसे ताकतवर का झगड़ा

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एलन मस्क दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति हैं। ये टेस्ला और स्पेस एक्स कंपनी के मालिक हैं। डोनाल्ड ट्रम्प दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति हैं। इन्हें दुनिया का

लॉस एंजिल्स : ट्रम्प का अपनी ही जनता पर हमला

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6-7 जून से अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रवासी विरोध के बहाने अपनी ही जनता के खिलाफ एक तरह की जंग छेड़ दी है। इस जंग का केन्द्र कैलीफोर्निया प्रांत का लॉस एंजिल्स शहर

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।