राजनीति

नेपाल में जन विद्रोह - रास्ता किधर है?

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पूंजीवादी लोकतंत्र का लुटेरा चेहरा अधिकाधिक उजागर होता जा रहा है। ऐसे में कल यही जनता जब सुस्पष्ट क्रांतिकारी विचारधारा से लैस होकर सड़कों पर उतरेगी तो उसके निशाने पर पूंजीवादी व्यवस्था होगी। तब इस लुटेरी व्यवस्था के साथ पीछे से सक्रिय लुटेरी ताकतों का षड्यंत्र भी ध्वस्त हो जायेगा। और समाजवाद के नये सवेरे का उदय होगा। भारत के सभी पड़ोसी मुल्कों के युवा-आम मेहनतकश अपनी पहलकदमी दिखा चुके हैं। अगला नम्बर निश्चय ही भारत का होगा।

शंघाई शिखर सम्मेलन : दुनिया बढ़ती साम्राज्यवादी होड़ की ओर

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अभी 31 अगस्त और 1 सितम्बर के चीन के शहर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एस.सी.ओ.) का अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। शंघाई सहयोग संगठन की शुरूवात एक छोटे से क्

फ्रांस में ‘‘सब कुछ रोको आंदोलन’’

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फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की मदद करने के चक्कर में फ्रांसीसी मजदूर-मेहनतकश अवाम के ऊपर लगातार आर्थिक बोझ डालकर उनकी जिंदगी को और ज्यादा अ

नेपाल में युवाओं का विद्रोह

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नेपाल के युवा इतिहास रच चुके हैं। दो दिन के उनके संघर्ष ने सरकार को भागने पर मजबूर कर दिया। तीनों प्रमुख पार्टियों के नेता, संसद, राष्ट्रपति भवन, अदालत कोई भी युवाओं के ग

नस्लीय इजरायल को एज्योर नहीं

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माइक्रोसाफ्ट ने चार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिन्होंने कंपनी के इजरायल के साथ संबंधों को लेकर कंपनी परिसर में विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था, जिनमें से दो ऐ

अलास्का शिखर बैठक के बाद क्या?

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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच अलास्का में बैठक हुई। बैठक के पहले अमरीकी राष्ट्रपति पत्रकारों से बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति को चेतावनी और धमकी

इजरायल द्वारा गाजापट्टी में जारी क्रूर नरसंहार

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इजरायली यहूदी नस्लवादी बेंजामिन नेतन्याहू की हुकूमत ने नये सिरे से गाजा शहर और समूची गाजापट्टी में अपने व्यापक विनाश और नरसंहार को और ज्यादा तेज कर दिया है। इजरायली शासक

फ्रांस में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता

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फ्रांस में 2022 में मैक्रों के दूसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से शुरू हुई राजनीतिक अस्थिरता समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। फ्रांस में पिछले सवा साल के भीतर दो

केन्या में गहराता संकट, बढ़ता दमन और प्रतिरोध

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विलियम रूटो केन्या के राष्ट्रपति हैं। उनके राष्ट्रपतित्व काल में केन्या की मजदूर-मेहनतकश आबादी की हालत खराब होती गयी है। वहां बेरोजगारी 67 प्रतिशत के आस-पास है। रूटो 2023

ब्रिक्स सम्मेलन और ट्रम्प

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बीते दिनों 6-7 जुलाई को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स का 17वां वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न हुआ। रूसी-चीनी साम्राज्यवादियों के नेतृत्व में बने इस संगठन के सम्मेलन मे

आलेख

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तितली प्रभाव अथवा बटरफ्लाई इफेक्ट विश्रंखलता सिद्धान्त (Chaos Theory) में काफी प्रचलित धारणा है जिसका सरल सा मतलब यह है कि यदि कोई सिस्टम या व्यवस्था विश्रंखल अवस्था में

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वैसे संघी ठग-लुटेरों के पक्ष में यह कहना होगा कि उन्होंने कुछ अनोखा नहीं किया है। परंपरा प्रेमी ये ठग-लुटेरे अच्छी तरह जानते हैं कि भारत में हजारों सालों से मंदिर लूटे जाते रहे हैं। मंदिरों को देश के भीतर के हिन्दू राजाओं व ठगों-लुटेरों ने भी लूटा और बाहर से आने वाले विधर्मियों ने भी। मंदिरों की इस सारी लूटपाट के बावजूद आस्थावान हिन्दू जनता मंदिरों में चढ़ावा देती रही है। अब जब इतने मासूम आस्थावान समाज में मौजूद हों तो ठगों-लुटेरों को दोष क्यों दिया जाये?

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अमेरिकी साम्राज्यवादी अब ऐसी स्थिति में नहीं रह गये हैं कि वे नाटो देशों को सीधे आदेश जारी करें। इसे ब्रिक्स, शंघाई सहकार संगठन जैसे क्षेत्रीय गठबंधनों का सामना करना पड़ रहा है। ये सारे गठबंधन अमेरिकी वर्चस्व वाली दुनिया को एक हद तक चुनौती दे रहे हैं। 

/west-asia-mein-badalata-shakti-santulan-samajhautaa-gyapan-ke-baad-ki-sthiti

अमरीकी साम्राज्यवादी और इजरायली शासक सोचते थे कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व का सफाया करने के बाद ईरानी जनता अपनी सत्ता के विरुद्ध उठ खड़ी होगी और इसका फायदा उठाते हुए अमरीकी साम्राज्यवादी अपनी किसी कठपुतली को सत्ता में स्थापित कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ईरानी अवाम अपनी सत्ता के समर्थन में मजबूती से खड़ी हो गई। यहां से अमरीकी साम्राज्यवादियों को समझ में आ गया कि वे ईरान पर कब्जा नहीं कर सकते।

/war-anay-sadhanon-se-politics-ka-hi-jaari-roop-hai

अमेरिकी साम्राज्यवादी पश्चिम एशिया में और सारी दुनिया में अपनी साम्राज्यवादी जकड़न को खत्म नहीं होने देना चाहेंगे। वे इसके खिलाफ हर संभव प्रयास करेंगे। एक हमले में मुंह की खाने के बाद वे सबक लेकर आगे हमला करने से तौबा नहीं करेंगे। यह उनकी साम्राज्यवादी फितरत के खिलाफ होगा। यानी वे ईरान पर काबू पाने के लिए दूसरे तरीकों की खोज में लग जायेंगे।