भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग के साथ जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना लगातार जारी है। पहलवानों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेश के उपरांत ही बड़ी मुश्किल से बृजभूषण सिंह पर मुकदमा दर्ज हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, जबकि उस पर एक मुकदमा पाक्सो एक्ट के तहत भी दर्ज है। दूसरी तरफ उसकी बेहूदा बयानबाजी लगातार जारी है।
    

ऐसे में भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के विरुद्ध जनक्रोश लगातार बढ़ रहा है और पहलवानों के धरने को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर जाकर भी पहलवानों का उत्साह बढ़ा रहे है और मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
    

10 मई को इंकलाबी मजदूर केंद्र की फरीदाबाद इकाई की सांस्कृतिक टीम एवं एन सी आर के साथियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर पहलवानों का समर्थन किया और क्रांतिकारी एवं आंदोलन-संघर्ष के गीत गाकर उनकी हौंसला अफजाई की और बृजभूषण सिंह को तत्काल भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर उसकी गिरफ्तारी की मांग की।
    

इससे पूर्व 7 मई के दिन फरीदाबाद में ही इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग के साथ जुलूस निकालकर उसके पुतले को आग के हवाले किया। इस विरोध-प्रदर्शन में परिवर्तनकामी छात्र संगठन से जुड़े साथियों ने भी  भागीदारी की।
    

इसी तरह 7 मई के दिन ही उत्तराखंड के रामनगर (नैनीताल) में विभिन्न संगठनों ने धरना : विरोध-प्रदर्शन कर बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुये कहा कि ये लोग ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ जैसे नारे लगाकर लोगों को भरमाते हैं असल में तो बेटियों के सबसे बड़े दुश्मन ये खुद हैं। इनकी पार्टी और सरकार में बृजभूषण सिंह, कुलदीप सेंगर, चिन्मयानन्द जैसे अपराधी भरे पड़े हैं।
    

इस धरना व विरोध-प्रदर्शन में इंकलाबी मजदूर केंद्र, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, समाजवादी लोक मंच, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, महिला एकता मंच, परिवर्तनकामी छात्र संगठन इत्यादि से जुड़े साथियों ने बढ़-चढ़ कर भागीदारी की।
    

इससे पूर्व 4 मई के दिन हरिद्वार में भी भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुये उसका पुतला दहन किया गया और विरोध प्रदर्शन के साथ सभा की गई, जिसमें भाजपाई नेताओं के दबाव में बी एच ई एल प्रशासन और पुलिस ने व्यवधान डाला और कार्यक्रम रोकने की कोशिश की, जिसे असफल कर दिया गया।
    

तदुपरान्त हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार एक फासीवादी सरकार है जो विरोध की हर आवाज़ को कुचल देना चाहती है। यदि राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न पर इतने संघर्ष के बावजूद अभी तक भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है ऐसे में हम सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि इस व्यवस्था में आम घर-परिवारों की लड़कियों, मजदूर-मेहनतकश वर्ग एवं दलित व अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को न्याय मिलना कितना मुश्किल होता होगा। गुजरात की बिल्किस बानो एवं हाथरस की गुड़िया के उदाहरण से हम इसे बखूबी समझ सकते हैं। 
    

उक्त पुतला दहन और सभा में इंकलाबी मजदूर केंद्र, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, राजा बिस्कुट मजदूर संगठन, फ़ूड्स श्रमिक यूनियन (आई टी सी), कर्मचारी संघ सत्यम ऑटो एवं संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के साथियों ने साथियों ने बढ़-चढ़ कर भागीदारी की। 
    

14 मई को हरिद्वार के सुल्तानपुर में भी बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुतला दहन और विरोध सभा की गयी। इसमें प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन और इंकलाबी मजदूर केन्द्र के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। 
    

सभा में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार एक के बाद एक यौन अपराधियों को को संरक्षण दे रही है। उसकी पार्टी के विधायक और सांसद तक महिलाओं के साथ यौन अपराध करने में पीछे नहीं हैं। इन्हें सजा अवश्य मिलनी चाहिए। 
    

15 मई को लालकुआं में प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, इंकलाबी मजदूर केन्द्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन एवं नगीना कालोनी संघर्ष समिति द्वारा महिला पहलवानों के साथ किये गये यौन उत्पीड़न का विरोध करते हुए शहीद स्मारक पर सांसद बृजभूषण सिंह का पुतला फूंका और सभा की। 
    

सभा में वक्ताओं ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि बृजभूषण सिंह को ऊपर से समर्थन प्राप्त है। स्वयं मोदी तक इस मामले में अभी तक चुप हैं जो मंचों से महिला सम्मान की बात करते रहते हैं। बृजभूषण की दबंगई इतनी है कि इतने बड़े प्रदर्शन और पाक्सो लगे होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। भाजपा सरकार कठुआ से लेकर हाथरस तक बलात्कार के आरोपियों को बचाने का काम करती रही है। कुलदीप सेंगर जैसे बलात्कारी और सांसद बृजभूषण सिंह जैसे पाक्सो के आरोपियों के खिलाफ पार्टी कोई कदम नहीं उठा रही है। भाजपा पार्टी लगातार दोगला व्यवहार करती रही है और आज भी वह यही कर रही है। 
        -विशेष संवाददाता

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