चोर-चोर मौसेरे भाई

Published
Fri, 10/16/2026 - 07:50
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ट्रम्प द्वारा पुतिन से गठजोड़ बनाने की कोशिश

अभी हाल ही में ट्रम्प ने पुतिन से फोन पर लम्बी बात की। इसके बाद रूस अमरीका को तेल (डीजल) बेचने के लिए तैयार हो गया। ट्रम्प अप्रैल, 2027 तक रूस के तेल (डीजल) बेचने पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए तैयार हो गया।
    
इसके पहले ट्रम्प ने कई बार यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेन्स्की को रूसी तेल शोधक संयंत्रों पर हमला न करने की चेतावनी दी थी। लेकिन जेलेन्स्की ने इन संयंत्रों पर हमले जारी रखे। इसके बाद ट्रम्प ने जेलेन्स्की को धमकी दी कि यदि वे ऐसे हमले बंद नहीं करते तो अमरीका उसको खुफिया जानकारी और हथियार बेचना बंद कर देगा। ट्रम्प ने यहां तक कह दिया कि जेलेन्स्की अमरीका सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को तेल संयंत्रों पर हमला करके नुकसान पहुंचा रहा है। ट्रम्प ने यहां तक कह दिया कि जेलेन्स्की का सत्ता में बने रहने का समय समाप्त हो गया है। यूक्रेन को ऐसा राष्ट्रपति चाहिए जो शांति स्थापित करने के लिए समझौता कर सके। 
    
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उसने यूक्रेन और रूस, दोनों को इस बात के लिए राजी कर लिया है कि वे एक-दूसरे के तेल शोधक सुविधाओं पर हमला नहीं करेंगे। यह सुनते ही जेलेन्स्की ने कहा कि यह बात उनके लिए ‘नयी खबर’ है। वे ट्रम्प से आग्रह कर रहे थे कि 60 दिनों तक दोनों युद्धरत पक्ष युद्ध विराम कर दें। इस दौरान वे चुनाव करा देंगे। यदि सिर्फ तेल सुविधाओं पर हमला रोका जाता है तो इससे रूस का फायदा होगा। क्योंकि यूक्रेन के पास सिर्फ एक तेलशोधक संयंत्र है, और वह भी पूरी तरह काम नहीं कर रहा है, जबकि रूस के पास अनेक संयंत्र हैं। 
    
ट्रम्प की धमकी से यूक्रेनी राष्ट्रपति मान गये और तेल संयंत्रों पर हमला रोकने की बात की। ट्रम्प कहे और जेलेन्स्की वैसा न करें यह उसके लिए बहुत मुश्किल है। 
    
ट्रम्प द्वारा पुतिन की इस सांठगांठ से यूरोपीय साम्राज्यवादी भौचक रहे गये। वे रूसी साम्राज्यवादियों के विरुद्ध लगातार युद्ध भड़काने की कोशिश करते रहे हैं। ट्रम्प की अचानक रूस से तेल खरीदने की इस चाल से उनकी प्रतिबंधों की योजना कमजोर हो गयी है। अब उनके बीच फूट पड़ना तय है। और कई यूरोपीय साम्राज्यवादी भी रूस से तेल खरीदने के बारे में सोचने लगे हैं। 
    
रूस-यूक्रेन युद्ध में सर्वाधिक नुकसान (यूक्रेन और रूस को छोड़कर) यूरोपीय साम्राज्यवादियों का हुआ है। अमरीकी साम्राज्यवादियों की हथियार निर्माता कम्पनियों का व्यापक फायदा हुआ है। इसके अतिरिक्त, रूस के तेल और गैस के बदले अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अपना महंगा तेल यूरोपीय साम्राज्यवादियों को खरीदने के लिए विवश किया है।
    
ऐसा भी नहीं है कि अप्रैल 2027 तक रूसी तेल पर लगे अमरीकी प्रतिबंध से बाकी सभी प्रतिबंध हट जायेंगे। लेकिन रूसी तेल खरीदने की अमरीकी पहले से कुछ नयी पहल शुरू हो सकती है। दूसरे, रूस यह चाहता रहा है कि रूस और अमरीका के बीच के सम्बन्ध यूक्रेन के मामले से स्वतंत्र रहें। अमरीकी साम्राज्यवादियों ने रूस की इस चाहत पर फिलहाल अपनी सहमति दे दी हैं। हालांकि, अमरीकी साम्राज्यवादियों का एक धड़ा इसका विरोध कर रहा है। 
    
ट्रम्प द्वारा पुतिन के साथ इस सांठगांठ का एक कारण अमरीकी मध्यावधि चुनाव भी है। ट्रम्प के ईरान पर थोपे गये युद्ध के कारण अमरीका के भीतर जो व्यापक महंगाई बढ़ी है, उससे अमरीकी मजदूर-मेहनतकश आबादी के भीतर व्यापक गुस्सा और विरोध पनप रहा है। रूसी तेल की खरीद से थोड़़ा सा आंसू पोंछने वाली कुछ राहत मिल सकती है। हो सकता है कि इससे ट्रम्प को उम्मीद हो कि चुनाव में जीत मिल जाये।  

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