और अब मेडागास्कर में युवा विद्रोह - राष्ट्रपति भागे

नेपाल के जेन-जेड युवाओं की दिखायी राह पर मेडागास्कर के युवा बढ़ चुके हैं। सितम्बर माह में बिजली व पानी की कटौती के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन का सरकार द्वारा दमन किया गया। 20 से ज्यादा लोगां की मौत हो गयी। इससे युवाओं का गुस्सा और भड़क गया। मेडागास्कर के युवा अब सरकार को भंग करने के साथ राष्ट्रपति राजोइलिना के इस्तीफे की मांग करने लगे। पहले राष्ट्रपति ने मंत्रिमण्डल बर्खास्त कर युवाओं के गुस्से को थामना चाहा पर युवा राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। अंततः सेना के एक महत्वपूर्ण घटक के प्रदर्शनकारियों से आ मिलने के कारण राष्ट्रपति को देश छोड़कर भागना पड़ा।

‘जेन-जेड माडा’ नाम से शुरू हुए इस आंदोलन को युवा समूहों ने फेसबुक व टिकटाक के जरिय संगठित किया। बाद में नागरिक समूह व ट्रेड यूनियनें भी संघर्ष में साथ आ गये। मेडागास्कर की लगभग आधी आबादी 18 वर्ष से कम उम्र की है। 3 करोड़ आबादी वाले इस देश की तीन चौथाई आबादी गरीबी रेखा के नीचे रहती है। 1960 से पूर्व यह फ्रांस का उपनिवेश था। 1960 के बाद भी फ्रांसीसी साम्राज्यवादियों का प्रभाव यहां बना रहा। प्रति व्यक्ति आय में यहां लगातार गिरावट हो रही थी।

मौजूदा राष्ट्रपति राजोइलिना 2009 में तख्तापलट के जरिये सत्ता में आये थे। 2023 में इन्होंने विपक्ष के बहिष्कार के बीच चुनाव जीता था। इनके शासन में मेडागास्कर में महंगाई, भ्रष्टाचार, गरीबी बढ़ती गयी। भ्रष्टाचार के मामले में मेडागास्कर 180 देशों में 140वें स्थान पर है। नेपाल के युवाओं से प्रभावित मेडागास्कर के युवा बढ़ती महंगाई बढ़ते भ्रष्टाचार से परेशान थे।

कुछ यही तस्वीर मोरक्को में भी देखने को मिल रही है। ‘जेन जेड 212’ नाम से यहां के युवा भी सड़कों पर हैं। अब तक पुलिस द्वारा 3 लोगों की गोली मार कर हत्या की जा चुकी है। ‘जेन जेड 212’ में 212 मोरक्को का अंतर्राष्ट्रीय फोन कोड है। यहां सितम्बर अंत में एक शहर में अस्पताल में 8 महिलाओं की प्रसव के दौरान मौत पर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। युवा यहां 2030 फुटबाल वर्ल्ड कप हेतु स्टेडियम निर्माण पर अरबों डालर खर्च करने पर गुस्से में हैं। उनका नारा है ‘‘स्टेडियम तो हैं लेकिन अस्पताल कहां हैं?’’ मोरक्को में प्रदर्शन लगातार जारी हैं।

दरअसल जेन-जेड प्रदर्शन बीते 3-4 दशक में दुनिया भर में लागू उदारीकरण-वैश्वीकरण की नीतियों से पैदा हुई आम जन की बदहाली का परिणाम है। नई पीढ़ी इस बदहाली का काफी ज्यादा शिकार है। जिसके लिए वह विद्रोह कर रही है। इस पर भविष्य की तस्वीर नहीं है पर शासकों के प्रति गुस्सा है। शीघ्र ही ये आग बाकी देशों में भी फैलेगी और वक्त के साथ बेहतर समाज की तस्वीर से भी लैस होगी।

♦️मेडागास्कर : घटनाक्रम

19 सितम्बर : मेडागास्कर में बिजली और पानी की लगातार कटौती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाने के बाद दो प्रमुख राजनेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।

25 सितम्बर : युवाओं के नेतृत्व में एक आनलाइन आंदोलन, जिसे ‘जेन जेड माडा’ के नाम से जाना जाता है, राजनेताओं के मुद्दे को उठाता है और मेडागास्कर के शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू करता है।

29 सितम्बर : राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने के प्रयास में अपने प्रधानमंत्री और पूरी सरकार को बर्खास्त कर दिया।

6 अक्टूबर : राजोइलिना ने सेना के जनरल रूपिन फोर्टुनैट ज़ाफिसम्बो को प्रधानमंत्री नियुक्त किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इस कदम को अस्वीकार कर दिया।

8 अक्टूबर : जनरल जेड माडा ने राष्ट्रपति से बातचीत का निमंत्रण ठुकरा दिया। राजोइलिना ने कहा कि अगर देश में बिजली कटौती की समस्या एक साल के भीतर हल नहीं हुई तो वे इस्तीफ़ा दे देंगे।

11 अक्टूबर : कैपसैट नामक एक सैन्य इकाई के सैनिक अप्रत्याशित रूप से अपने बैरक छोड़कर प्रदर्शनकारियों में शामिल हो गए। कैपसैट और सेना की एक अन्य शाखा के बीच गोलीबारी में एक सैनिक की मौत हो गई।

12 अक्टूबर : राजोइलिना ने चेतावनी दी कि तख्तापलट की तैयारी चल रही है। कुछ घंटों बाद, कैपसैट ने दावा किया कि उसने पूरी सेना पर कब्ज़ा कर लिया है।

13 अक्टूबर : एक वरिष्ठ सेना जनरल ने कहा कि सुरक्षा बल व्यवस्था बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। फ्रांसीसी मीडिया आउटलेट आरएफआई की रिपोर्ट के अनुसार, राजोइलिना को वहां से निकाल लिया गया है और संभवतः वह दुबई के लिए रवाना हो गए हैं।

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