चीन में इलेक्ट्रानिक कंपनी में हड़ताल

/china-mein-electronic-company-mein-strike

चीन में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के सत्तावादी शासन के तहत कामगारों को संगठित होने और सामूहिक शक्ति के रूप में कार्य करने का अधिकार नहीं है, और उनके संघर्षों को अक्सर सरकारी तंत्र द्वारा तुरंत कुचल दिया जाता है। ऐसे में, यिलिशेंग में कामगारों की हड़ताल, जो पूरे एक सप्ताह तक चली, एक महत्वपूर्ण हड़ताल है।
    
यिलिशेंग कंपनी ब्लूटूथ हेडसेट जैसे इलेक्ट्रानिक उत्पाद बनाती है और कभी इसमें हजारों कर्मचारी काम करते थे। हालांकि, अनगिनत अन्य कंपनियों की तरह, पूंजीपतियों द्वारा वियतनाम जैसे अन्य देशों में कम वेतन की तलाश में जाने या व्यापार युद्ध के कारण अपना कारखाना स्थानांतरित करने से कारखाने का आकार छोटा हो गया।
    
कंपनी ने कर्मचारियों की छंटनी के लिए काफी सोच-विचार किया, इसलिए इस साल अक्टूबर में उसने कानूनी कार्य घंटों का पालन करने का बहाना बनाकर ओवरटाइम प्रणाली को रद्द कर दिया। लेकिन वास्तव में उसका उद्देश्य कर्मचारियों के मासिक वेतन में भारी कटौती करना था, ताकि उन्हें बिना मुआवजा दिए ‘‘कानूनी तौर पर’’ नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सके। श्रमिकों की मानक प्रति घंटा मजदूरी इतनी कम है कि उससे मुश्किल से ही गुजारा हो पाता है, जिसके कारण श्रमिकों को अत्यधिक ओवरटाइम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वर्तमान में, यिलिशेंग के श्रमिकों को 2,000 युआन से भी कम मासिक वेतन मिलता है (जो शेन्जेन के वैधानिक न्यूनतम मासिक वेतन 2,520 युआन से भी कम है)।
    
श्रमिकों की हड़ताल से एक दिन पहले, कंपनी ने घोषणा की कि वह दिसंबर में ओवरटाइम न करने वाले कर्मचारियों को केवल 200-300 युआन का एकमुश्त गुजारा भत्ता देगी, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा मात्र था। इन घटनाक्रमों ने श्रमिकों के गुस्से को भड़का दिया और 4 तारीख की सुबह हड़ताल शुरू हो गई, जिसमें हजारों श्रमिक कारखाने के गेट के पास जमा हो गए और डिलीवरी ट्रकों को रोक दिया।
    
महिला कर्मचारियों की उच्च संख्या के कारण इस कारखाने को ‘‘महिलाओं का साम्राज्य’’ कहा जाता है। उन्होंने अपनी आय की गारंटी के लिए ओवरटाइम बहाल करने या सेवा अवधि के आधार पर मुआवजे की मांग की।
    
शुरुआत में कारखाने के सभी 3,000 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए, और 9 तारीख को प्रमुख हड़तालियों की गिरफ्तारी के बाद, उन्होंने तुरंत कारखाने के गेट को घेर लिया और उनकी रिहाई की मांग करते हुए नारे लगाने लगे। इस दबाव के चलते अधिकारियों को उसी शाम उन्हें रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
    
मालिकों ने अल्टीमेटम जारी किया कि जो लोग हड़ताल जारी रखेंगे उन्हें स्वतः ही इस्तीफा दिया हुआ मान लिया जाएगा और उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। इस रणनीति के चलते कुछ कर्मचारी काम पर लौट आए। लेकिन इस धमकी के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखी। श्रमिकों को संगठित होने, मजबूत होने और पूंजीपतियों के खिलाफ लड़ने के लिए स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों की आवश्यकता है।(चाइनावर्कर डॉट इनफो पर आधारित)

आलेख

/capital-dwara-shram-par-kiya-gaya-sabase-bhishan-hamala

मजदूर-कर्मचारी की परिभाषा में विभ्रम पैदा करने एवं प्रशिक्षुओं व कम आय वाले सुपरवाइजरों को मजदूर न माने जाने; साथ ही, फिक्स्ड टर्म एम्प्लायमेंट (FTE) के तहत नये अधिकार विहीन मजदूरों की भर्ती का सीधा असर ट्रेड यूनियनों के आधार पर पड़ेगा, जो कि अब बेहद सीमित हो जायेगा। इस तरह यह संहिता सचेतन ट्रेड यूनियनों के आधार पर हमला करती है। 

/barbad-gulistan-karane-ko-bas-ek-hi-ullu-kaafi-hai

सजायाफ्ता लंपट ने ईरान पर हमला कर सारी दुनिया की जनता के लिए स्पष्ट कर दिया कि देशों की संप्रभुता शासकों के लिए सुविधा की चीज है और यह कि आज शासक और मजदूर-मेहनतकश जनता अलग-अलग दुनिया में जी रहे हैं। 

/amerika-izrayal-ka-iran-ke-viruddha-yuddh

अमरीकी और इजरायली शासकों ने यह सोचकर नेतृत्व को खत्म करने की कार्रवाई की थी कि शीर्ष नेतृत्व के न रहने पर ईरानी सत्ता ढह जायेगी। इसके बाद, व्यापक जनता ईरानी सत्ता के विरुद्ध विद्रोह करने के लिए सड़क पर उतर आयेगी और अमरीकी व इजरायली सेनायें ईरान की सत्ता पर कब्जा करके अपने किसी कठपुतले को सत्ता में बैठा देंगी।

/capitalism-naitikataa-aur-paakhand

जब शीर्ष ऐसा है तो नीचे कल्पना की जा सकती है। और आज पूंजीवादी प्रचारतंत्र के सारे स्व-प्रतिबंध के बावजूद अनुयाईयों के कुकर्मों की दास्तां बाहर आ जाती है। कभी-कभी कोई सेंगर जेल भी चला जाता है। पर ज्यादातर वैसे ही छुट्टे सांड की तरह घूमते रहते हैं। 

/baukhalaye-president-trump-ke-state-of-union-speech-kaa-saar

ट्रम्प के इस स्टेट आफ यूनियन भाषण का कुछ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बहिष्कार किया। कुछ सर्वोच्च न्यायालय के सदस्यों ने इसमें भाग नहीं लिया। लेकिन ट्रम्प करीब दो घण्टे के अपने भाषण में अपने बारे में शेखी बघारते रहे और तमाम गलतियों और कमियों के लिए विरोधी पार्टी के राष्ट्रपतियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। इस भाषण को झूठ का पुलिंदा कहना ज्यादा सही होगा।