रामनगर (उत्तराखंड) के छोई व बैलपड़ाव में घटित 23 अक्टूबर के घटनाक्रम में मॉब लिंचिंग के प्रयास के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। 27 अक्टूबर को विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन राज्य के मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं नैनीताल के जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया।
उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित इस ज्ञापन में कहा गया है कि विगत 23 अक्टूबर को वैध तरीके से बरेली से बड़े का मीट लेकर दो वाहन रामनगर आ रहे थे। जिसमें से एक वाहन को बैलपड़ाव चौकी में जांच के बाद रामनगर आते समय ग्राम छोई में भाजपा से जुड़े गुंडा तत्वों ने रास्ते में रोक लिया तथा गाली-गलौज करते हुए वाहन चालक नासिर पर मॉब लिंचिंग का प्रयास करते हुए धारदार हथियारों व लोहे की राड आदि से जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें 5 लोगों को नामजद कर अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 व 190 में रामनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसी दिन कुछ देर बाद इसी तरह की एक अन्य घटना में बरेली से रामनगर बड़े का मीट लेकर आ रहे वाहन की बैलपड़ाव चौकी में चैकिंग के दौरान, भाजपा से जुड़े गुंडा तत्वों ने पुलिस की मौजूदगी में वाहन चालक को जान से मारने का प्रयास किया। पुलिस ने चालक को किसी तरह से मौके हटाकर बचाया। उन्होंने इस दौरान वाहन में भी बुरी तरह तोड़-फोड़ की। इस पर भी कालाढूंगी थाने में बीएनएस की धारा 109, 190 , 191(2), 191 (3) व 324 (4) के तहत 14 नामजद समेत अन्य लोगों पर मुकदमा कायम किया गया है।
ज्ञापन में रोष व्यक्त करते हुये कहा गया कि घटना के 4 दिन बाद भी रामनगर कोतवाली में दर्ज मुकदमें में अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गयी है। जबकि भारतीय न्याय संहिता में 7 वर्ष से अधिक सजा के आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि -
छोई व बैलपड़ाव में मॉब लिंचिंग का प्रयास करने, वाहनों में तोड़-फोड़ करने तथा सामाजिक सौहार्द खराब करने के सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाये।
हेट स्पीच के द्वारा समाज का सौहार्द खराब करने के आरोपी भाजपा नेता मदन जोशी व अन्य के खिलाफ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुये कानूनी कार्रवाही की जाये।
घायल नासिर का सरकारी खर्च पर पूर्ण इलाज कराया जाये तथा उसे 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाये।
असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी व्यक्ति की आई डी व वाहन इत्यादि चेक करने पर तत्काल सख्ती से रोक लगाई जाये।
ज्ञापन में 28 अक्टूबर तक उक्त मांगों का समाधान न किये जाने पर 29 अक्टूबर को उप जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।
ज्ञापन देने वालों में समाजवादी लोक मंच के मुनीष कुमार एवं गिरीश चंद्र, वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के मौ. अशरफ, आइसा के सुमित कुमार, इंकलाबी मजदूर केंद्र के रोहित रुहेला, किसान संघर्ष समिति के ललित उप्रेती, पछास के रवि, महिला एकता मंच की कौशल्या, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिम्वाल एवं जीशान कुरैशी, मो. नबी अंसारी, शोएब कुरैशी, चांद खान, अरबाज खान, आदिल खान, मनोहर सिद्दीकी, अनस, शकीर सिद्दीकी, अनीस सिद्दीकी, दानिश सिद्दीकी, तालिब, फैजान, आकिब सैफी, नदीम कुरैशी, समीर खान, नूरजहां पत्नी नासिर, आतिफ़ खान इत्यादि लोग शामिल थे।