12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने हेतु अभियान

Published
Sun, 02/01/2026 - 07:00
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दिल्ली/ मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स एवं किसान विरोधी-जन विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियन फेडरेशनों द्वारा आहूत देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए जन अभियान-दिल्ली द्वारा पर्चा वितरित कर मजदूरों-मेहनतकशों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में जन अभियान-दिल्ली के घटक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। जन अभियान-दिल्ली द्वारा एक पर्चा प्रकाशित किया गया है जिसे दिल्ली एनसीआर में मजदूरों-मेहनतकशों के बीच वितरित कर 12 फरवरी की हड़ताल को निर्णायक संघर्ष में बदल देने का आह्वान किया जा रहा है।
    
देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में जन अभियान-दिल्ली के बैनर तले इंकलाबी मजदूर केंद्र के सदस्यों द्वारा 24 और 25 जनवरी को बवाना इंडस्ट्रियल एरिया के गंगा टोली मंदिर और गैस एजेन्सी पर बैनर और पुस्तिका के साथ पर्चा वितरण अभियान चलाया गया।
    
अभियान के दौरान मजदूरों को बताया गया कि पुराने श्रम कानून हमारे पूर्वजों ने 100 साल पहले मालिकों से लड़कर संघर्ष और कुर्बानी के दम पर हासिल किये थे। श्रम कानून मालिकों ने हमें खैरात में नहीं दिए थे। भारत में भी आजादी से पहले हमने अंग्रेजों से संगठित ताकत के दम पर लड़कर कई श्रम कानून हासिल किए थे। जैसे यूनियन बनाने का अधिकार। 
    
इसी तरह आजादी के बाद भी हम अपनी पूंजीवादी सरकारों से श्रम अधिकारों को मजबूत करने और उनको हासिल करने के लिए लड़ते रहे हैं। आज मजदूर आंदोलन कमजोर पड़े हैं। उनकी एकता कमजोर पड़ी है, मजदूर आज संगठित नहीं हैं। आजादी के बाद कांग्रेस हो या भाजपा या अन्य कोई पार्टी हो, सबने मजदूरों की एकता को जाति-धर्म और क्षेत्रीयता के नाम पर विखंडित किया है। जबकि देश की सारी संपदा और संसाधन पूंजीपति घरानों को लूटाये जा रहे हैं।
    
आज हम मजदूर मेहनतकश संगठित ताकत के दम पर ही अपने ऊपर पूंजीपतियों और भाजपा द्वारा बोले जा रहे हमले का जवाब दे सकते हैं।             -दिल्ली संवाददाता

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